लालगंज के अगई प्राइमरी स्कूल में ग्रामीणों द्वारा आवारा पशु बंद कराये जाने से बाहर खड़े बच्चे।
- फोटो : PRATAPGARH
आवारा मवेशियों को प्राथमिक विद्यालय में बंद कर जड़ा ताला
सात घंटे के हंगामे के बाद प्रशासन ने मवेशियों को भेजा गौशाला
फसलों की बर्बादी रोकने के लिए नाराज ग्रामीणों उठाया गया कदम
अमर उजाला ब्यूरो
रानीगंज कैथौला। फसलों को बर्बाद होने से रोकने के लिए सैकड़ों आवारा मवेशियों को प्राथमिक विद्यालय परिसर में बंद कर दिया गया। विद्यालय के गेट पर ताला जड़कर ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। अफसरों की मान मनौवल के बाद बात नहीं बनी तो मवेशियों को गौशाला भेजने का प्रबंध किया गया। इसके बाद ग्रामीणों शांत हुए तो प्रशासन ने राहत की सांस ली।
लालगंज विकास खंड के अगई इलाके में आवारा मवेशियों ने ग्रामीणों की नाक में दम कर रखा है। आए दिन खेतों में लगी फसल मवेशी खा जाते थे। इसकी शिकायत पर प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया। जिससे परेशान होकर अगई के ग्रामीणों ने गुरुवार को भोर से ही सुबह आवारा मवेशियों को खदेड़कर प्राथमिक विद्यालय मटियारा में लाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते विद्यालय का परिसर सैकड़ों मवेशियों से भर गया। मवेशियों को विद्यालय में बंद कर ग्रामीणों ने गेट पर ताला जड़ दिया और हंगामा करने लगे। प्राथमिक विद्यालय में आवारा मवेशियों के बंद किए जाने की जानकारी प्रशासन को मिली तो हड़कंप मच गया। जानकारी पर खंड शिक्षा अधिकारी मो. रिजवान नौ बजे विद्यालय पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे मवेशियों को बाहर निकालने को तैयार नही हुए। जिसके बाद बीईओ बैरंग वापस लौट आए। जिला पंचायत सदस्य शिव बहादुर सरोज की जानकारी पर एसडीएम ने नायब तहसीलदार बृजमोहन शुक्ला को गांव भेजा। यहां पहुंचने पर नायब ने ग्रामीणों से मवेशियों को स्कूल से बाहर करने को कहा, लेकिन ग्रामीण ने साफ इंकार करते हुए गौशाला भेजने की मांग की। काफी देर तक मान मनौवल के बाद भी जब बात नहीं बनी तो नायब तहसीलदार ने वाहनों का प्रबंध कर मवेशियों को लीलापुर इलाके में स्थित गौशाला भेजना शुरू किया गया। सात घंटे चला ग्रामीणों को हंगामा शांत हो सका। ग्रामीणों के हटने व विद्यालय से मवेशियों के बाहर जाने पर प्रशासन ने भी राहत की सांस ली। आक्रोशित ग्रामीणों का कहना था कि बार बार शिकायत के बाद प्रशासन आवारा मवेशियों को नहीं हटवा रहा था। जिसके चलते उन्हें स्कूल में बंद करने का निर्णय लेना पड़ा।
लालगंज के अगई प्राइमरी स्कूल में ग्रामीणों द्वारा बंद किये गये आवारा पशु।- फोटो : PRATAPGARH