शृंग्वेरपुर धाम क्षेत्र में संचालित गोशालाओं में अव्यवस्था की मार मवेशियों को झेलना पड़ रहा है। यहां मवेशियों के लिए ठंड से बचाव के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं।
यहां कई गोशालाओं में न तो पर्याप्त भूसा उपलब्ध है और न ही तिरपाल। हालांकि, अलाव या कुछ बंद शेड की व्यवस्था की गई है। इससे गोवंशों को खुले में सर्द हवाओं और कोहरे का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि गोशालाओं के संचालन में लापरवाही बरती जा रही है। कोराली के बाबर कहते हैं कि बगल के ही गांव में गोशाला है, जो केवल नाम का है। इस भीषण सर्दी में सैकड़ों मवेशी दिन-रात खुले में विचरण करते रहते हैं और कई बीमार पड़ रहे हैं। लाई गांव के किसान जगन्नाथ यादव का कहना है कि ठंड से बचने के लिए मवेशी खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
वहीं, बेरावांरोड के मोहित केसरवानी ने कहा कि आवारा पशुओं से लखनऊ नेशनल हाईवे पर अक्सर राहगीर दुर्घटनाग्रसत होते रहते हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गोशालाओं में तत्काल ठंड से बचाव के इंतजाम किए जाएं।
बोले अफसर
गोशालाओं में पर्याप्त भूसे चारे के इंतजाम के लिए कहा गया है। ठंड को देखते हुए तिरपाल से शेड को ढकने का निर्देश दिया गया है। यदि कहीं भी लापरवाही मिलेगी तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
लीलाधर शुक्ल, बीडीओ शृंग्वेरपुरधाम, प्रयागराज।