कानपुर से सोनभद्र तक 13 जिलों वाले रोमन कैथोलिक के इलाहाबाद धर्मप्रांत के बिशप के रूप में फादर लुईस मैस्करेन्हास के चुने जाने के बाद आगरा धर्म प्रांत के धर्माध्यक्ष राफी मंजली ने पोप का आभार जताते हुए नए बिशप का स्वागत किया।
फादर लुइस मैस्करेन्हास को शनिवार रोमन कैथोलिक डायोसिस के इलाहाबाद धर्मप्रांत का नया बिशप चुन लिया गया। इस प्रतिष्ठापरक पद पर मैस्करेन्हास के नाम का एलान रोम में पोप फ्रांसिस ने किया। 64 वर्षीय मैस्करेन्हास पिछले ढाई वर्ष से इलाहाबाद धर्मप्रांत के प्रशासक के तौर पर कार्य कर रहे थे। नए बिशप के रूप में उनका जल्द ही अभिषेक किया जाएगा।
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कानपुर से सोनभद्र तक 13 जिलों वाले रोमन कैथोलिक के इलाहाबाद धर्मप्रांत के बिशप के रूप में फादर लुईस मैस्करेन्हास के चुने जाने के बाद आगरा धर्म प्रांत के धर्माध्यक्ष राफी मंजली ने पोप का आभार जताते हुए नए बिशप का स्वागत किया। बिशप चुने जाने के बाद फादर मैस्करेन्हास ने डायोसिस के तहत सेवा और परोपकार को बढ़ावा देने के साथ ही चैरिटी के लिए संचालित स्कूल और अस्पतालों के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की।
उन्होंने कहा कि वह अपने पूर्ववर्ती धर्माधिकारियों के पदच्हिनों पर चलकर कार्यों को आगे बढ़ाएंगे। मैस्करेन्हास ने 1978 में 10वीं की शिक्षा अर्जित करने के बाद ही पादरी के रूप में इस धर्मप्रांत में प्रवेश लिया था। 1989 में वह पहली बार चर्च के पुरोहित के रूप में नियुक्त किए गए थे। नए बिशप को देर रात तक बधाइयों का तांता लगा रहा। रविवार को उनके अभिषेक की तिथि को लेकर बैठक होगी।