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CAT Court : मेरिट और बैच के आधार पर रेलकर्मियों की वरिष्ठता निर्धारित करने का आदेश

Wed, 04 Nov 2026 08:48 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) ने उत्तर मध्य रेलवे के झांसी वर्कशॉप में कार्यरत तीन कर्मचारियों की वरिष्ठता मेरिट और बैच के आधार पर पुनर्निर्धारित करने का आदेश दिया है।
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कोर्ट का आदेश। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) ने उत्तर मध्य रेलवे के झांसी वर्कशॉप में कार्यरत तीन कर्मचारियों की वरिष्ठता मेरिट और बैच के आधार पर पुनर्निर्धारित करने का आदेश दिया है। साथ ही उसी आधार पर पदोन्नति, वेतन और पेंशन संबंधी परिणामी लाभ दिए जाने पर तीन महीने में निर्णय लेने का आदेश दिया है।

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यह आदेश न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति राजीव जोशी, प्रशासनिक सदस्य अंजनी नंदन शरण की पीठ ने उत्तर मध्य रेलवे झांसी में तैनात अशोक यादव व दो अन्य की मूल अर्जी पर दिया है। तीनों याची 1986-1989 बैच के प्रशिक्षित अप्रेंटिस हैं। उनका आरोप था कि वरिष्ठता निर्धारित करते समय मेरिट और बैच को उचित महत्व नहीं दिया गया।

प्रशिक्षण के दौरान ट्रेड टेस्ट में उन्होंने मोहम्मद नियाज से अधिक अंक प्राप्त किए थे। इसके बावजूद वरिष्ठता सूची में उन्हें उचित स्थान नहीं मिला। इससे पहले अधिकरण ने प्रशिक्षित अप्रेंटिस की वरिष्ठता मेरिट और बैच के आधार पर तय करने का आदेश दिया था। यह आदेश सुप्रीम कोर्ट तक बरकरार रहा। इसके बावजूद विवाद का समाधान नहीं हुआ। लिहाजा, तीनों कर्मचारियों को दोबारा कैट का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 21 मई 2026 को पुनर्विचार मामले में अधिकरण का पूर्व आदेश निरस्त कर मूल आवेदन को नए सिरे से गुण-दोष के आधार पर सुनवाई के लिए बहाल कर दिया था। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया था कि आवेदक 1986-1989 बैच के प्रशिक्षित अप्रेंटिस थे। ट्रेड टेस्ट में मोहम्मद नियाज से अधिक अंक प्राप्त किए थे। मेरिट और बैच के आधार पर वरिष्ठता तय करने का पूर्व निर्देश भी अंतिम हो चुका है।

अब कैट ने रेलवे अधिकारियों को पहले वरिष्ठता निर्धारित करने और उसके आधार पर परिणामी लाभों पर विचार करने का निर्देश दिया है। सेवानिवृत्त हो चुके दो कर्मचारियों की पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों का पुनर्निर्धारण करना होगा, जबकि सेवारत कर्मचारी की पदोन्नति और वेतन संबंधी पात्रता पर विचार किया जाएगा। पीठ ने स्पष्ट किया कि वरिष्ठता पुनर्निर्धारित होने से सभी लाभ स्वतः नहीं मिलेंगे। प्रत्येक कर्मचारी की पात्रता संबंधित सेवा नियमों के अनुसार तय होगी। रेलवे को तीन महीने के भीतर कारणयुक्त आदेश पारित कर प्रत्येक कर्मचारी के संभावित आर्थिक लाभों का अलग-अलग ब्योरा भी देना होगा।

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