cat advocate will not come to their work opposing open court hearign order
प्रयागराज। केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) में सोमवार से खुली अदालत में सुनवाई प्रारंभ न होने पर वहां के वकीलों ने न्यायिक कार्य से विरत होने का निर्णय लिया है। वकीलों ने यह भी तय किया है कि जब तक मामलों की सुनवाई खुली अदालत में नहीं होगी, वे न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे।
यह निर्णय सोमवार को मनोज उपाध्याय की अध्यक्षता में हुई कैट बार एसोसिएशन की बैठक में लिया गया। संचालन कर रहे एसोसिएशन के उपाध्यक्ष जितेंद्र नायक ने बताया कि कैट की प्रधानपीठ के चेयरमैन ने 22 अक्तूबर के आदेश में दशहरा अवकाश बाद खुली अदालत में सुनवाई के लिए कहा था लेकिन इस आदेश का पालन नहीं होने पर न्यायिक कार्य से विरत होने का निर्णय लेना पड़ा।
उन्होंने बताया कि बार के इस निर्णय की जानकारी पीठ के एचओडी को भी दी गई है। बैठक में पूर्व अध्यक्ष केपी सिंह व राघवेंद्र सिंह, पूर्व महासचिव आशीष श्रीवास्तव व एलएम सिंह, कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र त्रिपाठी, स्वयंवर लाल, एके दबे, सुनील, अमिताभ सिन्हा, सचिन, अभिनव त्रिपाठी, राधेश्याम, एके पांडेय, राजपाल सिंह, मनोज ध्रुववंशी, आशुतोष त्रिपाठी, अरविंद सिंह, विनोद, आशुतोष शुक्ल, मनीष यादव, रवि शर्मा आदि उपस्थित रहे।