जिला अदालत ने दामाद को नाबालिग बेटी के अपहरण व दुष्कर्म के आरोप में फंसाने वाले वाले ससुर पर मुकदमा चलाने का आदेश दिया है। यह आदेश देते हुए पॉक्सो मामले की विशेष न्यायाधीश अनीता प्रथम की अदालत ने आरोपी दामाद को बरी कर दिया।
जिला अदालत ने दामाद को नाबालिग बेटी के अपहरण व दुष्कर्म के आरोप में फंसाने वाले वाले ससुर पर मुकदमा चलाने का आदेश दिया है। यह आदेश देते हुए पॉक्सो मामले की विशेष न्यायाधीश अनीता प्रथम की अदालत ने आरोपी दामाद को बरी कर दिया।
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मामला प्रयागराज के करछना थाना क्षेत्र का है। 27 मई 2016 को हथरसा गांव के अबकारी निरीक्षक ने शंकरगढ़ निवासी अपने छोटे दामाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगया कि वह अपनी नाबालिग साली को बहला-फुसला कर भगा ले गया। पुलिस ने कलमबंद बयान दर्ज करवा पॉक्सो के तहत अपहरण व दुष्कर्म की धाराओं में आरोप पत्र दाखिल कर दिया।
आठ साल चले ट्रायल के दौरान ससुर पुलिस को दिए बयान से मुकर गया। कहा कि वह गाजियाबाद में था। बड़े दामाद के कहने पर छोटे पर एफआईआर दर्ज कराई थी। लेकिन, कुछ दिन बाद घर लौटी बेटी ने बताया कि वह अपनी मर्जी से जीजा संग बंबई गई थी। वहीं, गवाही देते हुए बेटी ने कहा कि वह बिना बताए दीदी के ससुराल गई थी। वह जीजा संग हैदराबाद गई थी। कोर्ट ने आरोपी दामाद को बरी कर बयान से मुकरने वाले ससुर के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया है।