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प्रयागराज : सांसद के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज कराने वाली पीड़िता के आत्मदाह मामले में जिले के एक इंस्पेक्टर पर भी गिरेगी गाज

Wed, 06 Oct 2021 07:07 PM IST
विनोद सिंह आलोक श्रीवास्तव, प्रयागराज

सार

एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर विभागीय कार्रवाई शुरू, जांच की रिपोर्ट आते ही इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। घोसी सांसद अतुल राय के खिलाफ केस दर्ज कराने वाली पीड़िता ने इसी साल सुप्रीम कोर्ट के सामने आत्मदाह कर लिया था। 
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट परिसर के बाहर आत्मदाह करने वाली दुष्कर्म पीड़िता के मामले में लापरवाही पर शहर के एक थाने के इंस्पेक्टर पर भी गाज गिरेगी। पीड़िता की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे की विवेचना में लापरवाही पर इंस्पेक्टर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू हो गई है। जल्द ही इंस्पेक्टर को हटाने का आदेश भी जारी किया जा सकता है।
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घोसी सांसद अतुल राय पर दुष्कर्म का केस दर्ज कराने वाली पीड़िता ने इसी साल 16 अगस्त को अपने साथी के साथ सुप्रीम कोर्ट परिसर के बाहर आत्मदाह कर लिया था। गंभीर हाल में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई थी। आत्मदाह से पहले दोनों ने फेसबुक पर लाइव आकर तमाम पुलिस अफसरों पर गंभीर आरोप लगाए थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन की ओर से एसआईटी गठित कर जांच कराई गई। एसआईटी की ओर से जांच रिपोर्ट में कुछ पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को दोषी बताया गया। पुख्ता सूत्रों का कहना है कि इस रिपोर्ट में पीड़िता की ओर से प्रयागराज के एक थाने में दर्ज कराए गए मामले की विवेचना में लापरवाही करने वाले पुलिसकर्मियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए गए हैं। जिसके बाद थाने के मौजूदा इंस्पेक्टर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करा दी गई है।
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सूत्रों का कहना है कि जल्द ही उक्त इंस्पेक्टर को हटाने का आदेश भी जारी किया जा सकता है। इसके बाद मामले में उसका बयान आदि दर्ज करने की कार्रवाई होगी। जवाब संतोषजनक न रहा तो निलंबन भी किया जा सकता है।

तीन अन्य इंस्पेक्टर, एक एसओ भी जांच के घेरे में
सूत्रों का कहना है कि मौजूदा इंस्पेक्टर के साथ ही इस मामले में तीन अन्य इंस्पेक्टर और एक एसओ भी जांच के घेरे में हैं। तीनों इंस्पेक्टर पूर्व में संबधित थाने में बतौर प्रभारी तैनात रह चुके हैं जिनमें से एक मौजूदा समय में भी एक थाने का प्रभारी है। इसके अलावा एक दरोगा की भूमिका भी जांच के दायरे में है जो मौजूदा समय में ग्रामीण थाने में बतौर थानाध्यक्ष तैनात है। आरोप है कि संवेदनशील मामला होने के बावजूद उपरोक्त पुलिसकर्मियाें ने विवेचना को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई।

पिछले साल दिसंबर में हुई थी घटना
घटना 18 दिसंबर 2020 की है। पीड़िता की ओर से इस मामले में एक नामजद व सैकड़ों अज्ञात पर एफआईआर दर्ज कराई गई थी। जिसमें छेड़खानी, लूट, मारपीट व धमकाने का आरोप लगाया गया था। तहरीर में उसकी ओर से आरोप लगाया गया था कि कोर्ट से निकलते वक्त उसे व उसके गवाह को बेरहमी से पीटा गया। उससे छेड़खानी की गई और मोबाइल फोन व फीस के 17 हजार रुपये छीन लिए गए। इससे पहले उसके गवाह को फोन कर जान से मारने की धमकी दी गई। खास बात यह कि इस घटना में दूसरे पक्ष की ओर से भी पीड़िता व उसके गवाह के खिलाफ मारपीट, धमकाने व लूट के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।


फिलहाल रिपोर्ट मेरे सामने नहीं आई है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही कुछ बता सकूंगा। लेकिन अगर एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर कोई दोषी मिलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी, डीआईजी प्रयागराज।
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