मऊआइमा थाना क्षेत्र की रहने वाली अनुसूचित जाति की विधवा महिला से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव के प्रधान के दो बेटों समेत तीन लोगों ने आवास और पेंशन दिलवाने का झांसा देकर वारदात को अंजाम दिया है। मऊआइमा पुलिस मामले में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज जांच में जुटी है।
मऊआइमा थाना क्षेत्र के गांव में महिला अपने परिवार संग रहती है। पुलिस को दी शिकायत में महिला ने बताया कि करीब छह माह पहले आरोपी महबूब आलम ने कहा कि अपना आधार कार्ड लेकर शाम को कार्यालय पर आ जाना। तुम्हें विधवा पेंशन और आवास दिलवा दूंगा। उनके झांसे में आकर वह प्रधान के कार्यालय में गई। आरोप है कि यहां पहले मौजूद आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
विरोध करने पर आरोपी महबूब आलम ने जल्द शादी का झांसा दिया। इसके बाद उसने कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायत में बताया कि 10 अप्रैल जब महबूब आलम से शादी करने का कहा तो उसने जवाब दिया कि अपना धर्म परिवर्तन नहीं करोगी तो शादी नहीं करूंगा। इसके बारे में किसी और को बताने पर जान से मारने की धमकी देकर जाति-सूचक गाली-गलौज की गई। इसके बाद पीड़ित महिला ने पुलिस से शिकायत की।
अपर पुलिस आयुक्त के आदेश पर केस
शिकायत पर एसीपी फूलपुर पंकज लवनिया व मऊआइमा थाना प्रभारी ने इसकी जांच की और रविवार देर-शाम सामूहिक दुष्कर्म, धमकी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। इस संबंध में प्रधान का आरोप है कि उनके विपक्षियों ने मिलकर षडयंत्र के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। यह भी आरोप लगाया कि बकरीद के दिन बेटे पर गोली चलाई गई थी, जिससे बेटे की जान बाल-बाल बची। मऊआइमा थाना प्रभारी पंकज अवस्थी का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।