इनमें से एक याचिका सुमन एवं अन्य बनाम राज्य सरकार अधिवक्ता रऊफ अली की ओर से दाखिल किया गया। इसमें 22 जुलाई 2023 का फर्जी विवाह प्रमाण जयहिन्द सिंह निवासी मोहनापुर शनिचरा जनपद संत कबीर नगर व सुमन निवासी ग्राम सनीडीह पोस्ट खजनी सोनबरसा बाबू जनपद गोरखपुर लगाया गया। इस केस में रिपोर्ट पंजीकृत है। प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए आया तब उन्हें जानकारी हुई कि यह फर्जी है।
उपरोक्त केस की तरह 09.01.2023 का फर्जी विवाह प्रमाण पत्र राम प्रकाश एवं पूनम, 7.05.2022 का फर्जी विवाह प्रमाण पत्र राज व खुशबू और दिनांकित 20.06.2023 का फर्जी विवाह प्रमाण पत्र वासु एवं भानवी के नाम से जारी किया गया। इसमें उनका जाली दस्तखत भी किया गया। इस प्रकार से फर्जी विवाह प्रमाण पत्र जारी करके दुरुपयोग किया जा रहा है। कोतवाली प्रभारी रोहित कुमार तिवारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच की जा रही है।
क्राइम ब्रांच के पास विवेचना, ठंडे बस्ते में मामला
फर्जी विवाह प्रमाणपत्र लगाकर याचिका दाखिल करने के प्रकरण में जनपद में पूर्व में नौ मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें से सात कैंट व एक-एक हंडिया और कौंधियारा थाने में दर्ज हुआ है। नवंबर में पुलिस ने इस खेल का भंडाफोड़ करते हुए दो लोगों को जेल भेजा था। साथ ही सभी मुकदमे क्राइम ब्रांच को सौंप दिए गए थे। इसके बाद से मामला ठंडे बस्ते में ही है। क्राइम ब्रांच अब तक जाली प्रमाणपत्र देने से लेकर सुरक्षा दिलाने का ठेका लेेने वालों तक नहीं पहुंच सकी है।