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दूसरे शहरों तक पहुंची कार्निवाल की धूम

Sat, 03 Nov 2018 02:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
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प्रयागराज - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो,प्रयागराज
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सिविल लाइंस में चल रहे पांच दिनी ‘अमर उजाला शुभलाभ कार्निवाल’ जैसे-जैसे परवान चढ़ रहा है, लोगों का उत्साह बढ़ता ही जा रहा है। कार्निवाल की छटा इस कदर लोग भा रही है कि अभिभावक दूसरे शहरों से भी अपने परिचितों को बुलाकर अमर उजाला के महोत्सव का आनंद उठा रहे हैं। कार्निवाल के दूसरे दिन बच्चों ने खूब मस्ती की और झूलों का आनंद उठाया।
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सतरंगी झालरों से सजा सिविल लाइंस में शुक्रवार को अनूठा नजारा था। कोई बच्चा अपनी मां से हाथी की सवारी करने की जिद कर रहा था तो कोई ऊंट की सवारी करने की मांग कर रहा था। झूले पर बच्चों को बैठाने के लिए अभिभावकों का तांता लगा हुआ था। चाट व भेलपूरी का बच्चों संग बुजुर्ग तक आनंद उठा रहे थे। अमेठी से आई छात्रा अदिति पांडे को जब अपने रिश्तेदारों से यहां चल रहे कार्निवाल की जानकारी मिली तो वह अपनी बहन के साथ झूलों का लुत्फ उठाने चली आई। इसी प्रकार नोएडा से रश्मि यहां अपने रिश्तेदार के यहां आई हुई हैं। उन्होंने भी अपने बेटे को ऊंट की सवारी कराई तो उसकी खुशी देखने लायक थी।

मुट्ठीगंज निवासी एकता ने अपनी बिटिया को झूले पर बैठाया तो उनको अपने बचपन के दिन याद आ गए। कैंट निवासी सैन्य अफसर दीपक मिश्रा भी अपने बच्चे संग आए थे। उन्होंने अमर उजाला के इस आयोजन की प्रशंसा करते हुए अन्य अभिभावकों से भी इस कार्निवाल का आनंद उठाने की सलाह दी। सिविल लाइंस निवासी छोटी बच्ची मायरा, अलीशा अपनी बहनों के साथ झूलों का आनंद लेने आई थी। डॉ. केसरवानी ने भी अपने परिजनों संग मेले का लुत्फ उठाया। अमर उजाला कूपन के साथ आए कार्निवाल में बच्चों ने बग्घी, हाथी व ऊंट की सवारी का जमकर आनंद उठाया। बच्चों को झूले इस कदर भाए कि वे जल्द घर लौटने के लिए नहीं तैयार थे। स्टेज पर चल रहे कलाकारों के शो को देखने के लिए एमजी मार्ग के राहगीर भी रुक गए और उन्होंने भी शो का सड़क पर खड़े होकर आनंद लिया।
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‘अमर उजाला कार्निवाल’ के मंच से शुक्रवार को प्रयागराजवासियों को दीपपर्व पर आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं देने आए विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ंने कहा, दीपपर्व से पहले ही उजियारा फैलाने और सिविल लाइंस जगमगाने का संकल्प और प्रयास सुखद है। उन्होंने अपनी-अपनी तरह से दीपपर्व का अर्थ भी बताया। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि महाराज ने दीपोत्सव के उल्लास से शहरियों को जोड़ने के लिए ‘अमर उजाला’ की पहल को सराहा। कहा, दीपोत्सव का अर्थ भीतर के अंधियारे को दूर भगाना और मन में उजाला लाना है। दीपपर्व पर सभी को बहुत-बहुत आशीर्वाद। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के उपाध्यक्ष और निर्मल पंचायती अखाड़े के सचिव महंत देवेंद्र सिंह शास्त्री ने कहा, दीपोत्सव मन के उजाले का पर्व है।
सीएनआई की लखनऊ डायोसिस के सचिव पादरी राजेश जोसेफ और सेंट पीटर्स चर्च के पादरी प्रवीण मैसी ने कहा, ज्योति का संकल्प दिलाना सुखद है और इसके लिए ‘अमर उजाला’ का प्रयास सराहनीय है। दायराशाह अजमल के सज्जादानशीन सैयद मुहम्मद नासिर फाखरी और इलाहाबाद ऐतिहासिक मुहर्रम कमेटी के अध्यक्ष असरार नियाजी ने कहा, सबके जीवन में रोशनी फैले, इससे सुंदर मकसद हो ही नहीं सकता। पहल के लिए मुबारकबाद!
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