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Electric Car : चलते-चलते चार्ज हो जाएगी कार, नहीं करना होगा इंतजार, जल्द विकसित होगा मॉडल, देखें वीडियो

Sun, 23 Mar 2025 06:46 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलेक्ट्रिक वाहन वालों को चार्जिंग के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि वाहन चलते-चलते ही चार्ज हो जाएंगे। इस दिशा में कार्य कर रही प्रयागराज की महिला उद्यमी मनु गुप्ता के स्टार्टअप ई-काॅम्फी मोबिलिटी को एमएनएनआईटी में पुरस्कृत किया गया है।
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इलेक्ट्रिक कार। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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इलेक्ट्रिक वाहन वालों को चार्जिंग के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि वाहन चलते-चलते ही चार्ज हो जाएंगे। इस दिशा में कार्य कर रही प्रयागराज की महिला उद्यमी मनु गुप्ता के स्टार्टअप ई-काॅम्फी मोबिलिटी को एमएनएनआईटी में पुरस्कृत किया गया है। इसे साकार करने के लिए उन्होंने आईआईटी बीएचयू और एनआईटी जयपुर से अनुबंध किया है, जो अगले चार साल में पूरा होने की उम्मीद है, हालांकि इसका माॅडल इस साल के अंत तक विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

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मनु गुप्ता ने बताया कि जैसे मोबाइल फोन को वायरलेस तरीके से चार्ज किया जाता है, ठीक उसी तरह हमारी कंपनी आईआईटी बीएचयू और एनआईटी जयपुर के प्रोफेसर और रिसर्चर से अनुबंध कर एक डायनमिक वायरलेस चार्जिंग सिस्टम का निर्माण कर रही है। इसके तहत सड़क की बायीं लेन में एक स्ट्रिप लगाई जाएगी, जिसके ऊपर से ईवी वाहनों के गुजरते ही चार्जिंग शुरू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के अंत तक हम इसका प्रोटोटाइप (माॅडल) भी तैयार कर लेंगे।

इस पर हमारी टीम नवंबर-2024 से काम कर रही है और उम्मीद है कि वर्ष 2029 तक इसे मूर्तरूप दिया जा सकेगा। टीम में चीफ टेक्निकल ऑफिसर ताहा खालिद, डेवलपर यशस्वी शुक्ला, आईआईटी बीएचयू के प्रोफेसर व एनआईटी जयपुर के प्रोफेसर और रिसर्चर शामिल हैं।
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प्रयागराज और लखनऊ से की जाएगी शुरुआत

प्रयागराज। मनु गुप्ता के अनुसार, डायनमिक वायरलेस चार्जिंग सिस्टम की शुरुआत प्रयागराज और लखनऊ से की जाएगी। ट्रक से लेकर कार और बाइक की ऊंचाई ढाई फीट से लेकर 180 एमएम तक होती है। सभी वाहनों के हिसाब से सिस्टम को तैयार किया जा रहा है, जिस कारण समय लग रहा है। उन्होंने बताया कि इसके लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री से भी वार्ता की गई है, जिसके बाद ही आईआईटी बीएचयू और एनआईटी जयपुर से अनुबंध किया है। इस तकनीक को अमलीजामा पहनाने के लिए सड़क की सतह के नीचे स्ट्रिप लगाई जाएगी जो बिजली के ग्रिड से जुड़ी होगी।

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