सहायक अध्यापक भर्ती में शिक्षामित्रों को वेटेज देने के खिलाफ अनारक्षित अभ्यर्थी कोर्ट जाएंगे। अभ्यर्थियों का कहना है कि वेटेज अंक पाने के बाद शिक्षामित्र मेरिट में सबसे ऊपर आ जाएंगे और इससे सामान्य वर्ग का नुकसान होगा। शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों ने मांग की है कि शिक्षामित्रों को उनके वर्ग के अनुसार अनारक्षित, ओबीसी, एससी, एसटी में अलग-अलग करके पदों का आवंटन किया जाए। अनारक्षित सीटों पर ओवरलैपिंग न हो इसके लिए शिक्षामित्रों को अलग श्रेणी में नियुक्ति देने की मांग की गई है।
सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में कुल एक लाख 46 हजार 60 अभ्यर्थी सफल हुए हैं। इनमें 8018 शिक्षामित्र हैं। शिक्षक भर्ती में नियुक्ति के समय अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा के अंकों के साथ एकेडमिक मेरिट जोड़ी जाएगी। इन अंकों के आधार पर डीएलएड, बीएड एवं दूसरे प्रशिक्षण वाले अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जाएगी, जबकि शिक्षामित्रों की मेरिट में लिखित परीक्षा, एकेडमिक मेरिट के साथ 25 अंक का वेटेज अंक उनके अनुभव के आधार पर दिया जाएगा। वेटेज का 25 अंक पाते ही शिक्षामित्रों का चयन टॉप मेरिट के साथ होना पक्का हो जाएगा। टॉप पर आने के साथ ही शिक्षामित्र किसी कटेगरी के होने के बाद भी वह अनारक्षित श्रेणी में चयन पाएंगे। ऐसे में 69 हजार शिक्षक भर्ती में अनारक्षित कोटे की सीटों पर कब्जा कर लेंगे।