कोरोना संकट के दौर में जब बड़ी संख्या में बस और ट्रेन नहीं चल रही हैं, ऐसे में शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने मोटी रकम खर्च कर निजी वाहन बुक करके काउंसलिंग में शामिल होने का निर्णय लिया। लेकिन, वाहन बुक करके काउंसलिंग को निकले कई अभ्यर्थी जब आधे रास्ते तक पहुंचे तो उन्हें पता चला कि कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। वहीं निजी वाहन से काउंसलिंग सेंटर पर पहुंचने पर कई अभ्यर्थियों को कोर्ट के आदेश का पता चल सका। लॉकडाउन और बेरोजगारी के दौर में वाहन बुक कराके पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को आठ से नौ हजार रुपए तक का वाहन किराया खल गया। वे निराश होकर काउंसलिंग सेंटर से अपने घर वापस हो गए।़
दारागंज के रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विकास कुमार मिश्र का चयन लखीमपुर खीरी के लिए हुआ है, उनको चार जून को काउंसलिंग में शामिल होना था। वह साढ़े नौ हजार में निजी वाहन बुक कराके बुधवार की सुबह लखीमपुर खीरी के लिए निकले। लखनऊ के आगे पहुंचने पर जब उन्हें सूचना मिली कि कोर्ट ने रोक लगा दी है तो इस बारे में अपने मित्रों से चर्चा करने के बाद वह शहर के लिए वापस हो लिए। अल्लापुर के विनीत कुमार काउंसलिंग के लिए पांच हजार में वाहन बुक कराके बुधवार की सुबह आजमगढ़ के लिए निकले, लगभग 12 बजे जब वह काउंसलिंग के लिए पहुंचे तो वहां कोर्ट के आदेश के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने दूर से आने का हवाला दिया, फिर भी जनपदीय काउंसलिंग समिति ने उन्हें अनसुना कर दिया। अलीगढ़ काउंसलिंग में शामिल होने के लिए प्रयागराज से टिकट करवा चुके उमेश दुबे को टिकट निरस्त करवाना पड़ा। लगभग ऐसी ही समस्याओं से ज्यादातर अभ्यर्थियों को जूझना पड़ा।