उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड और डाकघर के बीच टीजीटी-पीजीटी के आवेदन गायब होने का मामला उलझता जा रहा है। हाईकोर्ट के आदेश पर चयन बोर्ड ने शैलेन्द्र सिंह और 18 अन्य अभ्यर्थियों के आवेदन का परीक्षण करवाया। परीक्षण में मात्र एक अभ्यर्थी का ही दावा सही पाया गया, अन्य किसी अभ्यर्थी का रिकार्ड चयन बोर्ड के पास नहीं मिला।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की टीजीटी-पीजीटी परीक्षा के लिए 2013-14 में आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के बड़ी संख्या में आवेदन की जानकारी वेबसाइट पर नहीं मिलने पर चयन बोर्ड के पास शिकायत दर्ज करवाई गई। चयन बोर्ड की ओर से मामले की सुनवाई नहीं होने पर अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी थी। हाईकोर्ट ने चयन बोर्ड सचिव से अभ्यर्थियों के पोस्टल रिकार्ड और आवेदन पत्र की कॉपी देखकर यह निर्णय लेने को कहा था।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद चयन बोर्ड अध्यक्ष ने इन अभ्यर्थियों के दावे का परीक्षण किया, इसमें मात्र एक अभ्यर्थी की फीस चयन बोर्ड के खाते में जमा हो पाई है, शेष अभ्यर्थियों का रिकार्ड नहीं मिलने से इनके दावे के बारे में हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही विचार किया जाएगा। चयन बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि अभ्यर्थियों कीपरीक्षण रिपोर्ट को वह हाईकोर्ट में 23 जनवरी को रखेंगे। इसके बाद कोर्ट का जो आदेश होगा, उसी के अनुरूप इन छात्रों के बारे में निर्णय होगा।