बाघला और टोंस पंप कैनाल में पानी न छोड़े जाने से नहरें सूखी हैं। इससे बारा के किसान परेशान हैं। उनका कहना है कि गेहूं, चना, सरसों समेत अन्य फसलों को सिंचाई के लिए पानी की दरकार है लेकिन नहरें सूखी हैं। जिससे खेती प्रभावित हो रही है। बारा तहसील के सैकड़ों गांवों के किसान परेशान हैं, उनका कहना है कि अगर पानी नहीं छोड़ा गया तो इसका असर फसल की पैदावार पर पड़ सकता है।
किसान इस वक्त गेहूं, चना और सरसों की फसल तैयार कर रहे हैं। लेकिन, सिंचाई के लिए समय से पानी नहीं मिल पा रहा है। मिश्रा बांध, कुल्हडिया, सड़वा, बरेठिया समेत आसपास के गांवों के किसान शिव भोला बिंद, विनय पांडेय, राजेश, अखिलेश, राहुल आदि का कहना है कि एक माह पूर्व बोई गई फसलें पानी के अभाव में सूख रही हैं। 20 अक्तूबर से सफाई के नाम पर नहर बंद है लेकिन अभी तक नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता पीके सिंह का कहना है कि एक-दो दिनों में दोनों पंप कैनाल को चालू कर नहरों में पानी छोड़ा जाएगा।