इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के हॉस्टलों में अवैध कब्जा हटाने के लिए आठ जनवरी से अभियान शुरू किया जाएगा। यह निर्णय शुक्रवार को कुलानुशासक कार्यालय में सभी हॉस्टलों के संरक्षकों व अधीक्षकों की बैठक में लिया गया। इस कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग भी होगी। इसके लिए पुलिस प्रशासन ने पुलिस बल उपलब्ध कराने की सहमति दे दी है।
पिछले दिनों हॉस्टलों में लगातार घटनाएं हुईं। दो हॉस्टलों के छात्रों के बीच जमकर मारपीट, पत्थरबाजी, बमबाजी और गोलीबारी की घटना हुई। इसके बाद एक हॉस्टल में बम बनाते वक्त पीजी के छात्र का हाथ उड़ गया। इविवि प्रशासन ने जब छानबीन शुरू की तो पता चला कि हॉस्टलों के कमरों में बड़ी संख्या में अवैध कब्जा है।
जिन छात्रों के नाम से कमरे आवंटित हैं, उनमें कोई दूसरा रहता है। हॉस्टलों की घटनाओं में ऐसे लोगों को चिह्नित किया गया और मुकदमा भी दर्ज कराया गया। इविवि के चीफ प्रॉक्टर डॉ.राकेश सिंह की ओर से पिछले दिनों पुलिस कमिश्नर को पत्र भेजकर पुलिस बल की मांग की गई थी, ताकि हॉस्टलों में अभियान चलाकर अवैध कब्जा हटाया जा सके।
पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर कर्नलगंज थाने की पुलिस और इविवि प्रशासन के अफसरों ने बीते दिनों बैठक कर हॉस्टलों में अवैध कब्जा हटाने के लिए कार्ययोजना तैयार की थी। शुक्रवार चीफ प्रॉक्टर की अध्यक्षता बैठक में निर्णय लिया गया कि अभियान आठ जनवरी से शुरू किया जाएगा। इस दौरान वैध अंत:वासियों के भी प्रवेश संबंधी आवश्यक दस्तवेजों एवं फोटो का भौतिक सत्यापन किया जाएगा।
पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई जाएगी। चीफ प्रॉक्टर डॉ.राकेश सिंह ने बताया कि हॉस्टलों के जिन कमरों में अवैध कब्जा है, उन्हें हटाने के बाद कमरों पर इविवि प्रशासन अपना ताला लगा देगा। इसके बाद खाली कराए गए कमरे छात्रों को नए सिरे से आवंटित किए जाएंगे और उन्हें कमरों पर कब्जा दिलाया जाएगा। इविवि के सभी हॉस्टलों में अभियान चलाया जाएगा।