इलाहाबाद। शनिवार को आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के विरोध में सोमवार को बच्चों को स्कूल लाने वाले टेंपो चालक हड़ताल पर चले गए। टेंपो वालों के हड़ताल पर चले जाने से लोगों को खासी परेशानी हुई। मजबूरी में अभिभावक खुद ही अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने चले गए। इस बीच जो टेपो वाले हड़ताल पर नहीं रहे वे बच्चों को स्कूल से काफी पहले ही छोड़कर चले गए।
शनिवार को आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस के संयुक्त अभियान में 22 टेंपो-टैक्सी वालों को पकड़ा गया। आरटीओ कार्यालय की ओर से तर्क दिया गया कि बिना परमिट के ही टेंपो चालक स्कूली बच्चों को छोड़ने का काम कर रहे हैं। इस संबंध में सोमवार को इलाहाबाद टेंपो विक्रम टैक्सी वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आरटीओ इलाहाबाद से मुलाकात की और अभियान चलाये जाने पर अपनी नाराजगी जाहिर की। यूनियन नेताओं ने कहा कि टेंपो चालक अलग से परमिट नहीं लेंगे।
रही बात मानकों की तो टेंपो चालक सभी नियमों का पालन करेंगे। इसके पूर्व यूनियन नेताओं ने रेलवे स्टेशन स्थित टैक्सी स्टैंड पर भी टेंपो चालक एवं मालिकों के साथ बैठक की। कहा गया कि आरटीओ विभाग डबल परमिट लादने की साजिश रच रहा है। बैठक में तय हुआ कि विक्रम आटो टैक्सी के चालक स्कूल वाहन में चालक के बगल में एक रॉड लगाएंगे। ताकि उसमें एक बच्चा ही आगे बैठ सके। पीछे बीच में लगने वाली सीट भी हटा दी जाएगी। ताकि बच्चे आराम से बैठ सकें। बैठक के बाद यूनियन अध्यक्ष विनोद चंद्र दुबे की अध्यक्षता में जिलाधिकारी से मिलकर स्कूली वाहनों की समस्याओं से अवगत कराया गया। इस मौके पर रघुनाथ द्विवेदी, रमाकांत रावत, राजेश, बिहारी बाबू आदि मौजूद रहे।