कई दिनों से गर्मी और उमस झेल रहे लोगों को बुधवार की रात आई आंधी और बारिश से राहत मिल गई। बारिश कहीं तेज तो कहीं बूंदाबांदी ही हुई। हालांकि इससे शहर की बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई। पेड़ गिरने और लोकल फॉल्ट होने से कई हिस्साें में देर रात तक विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। इसके चलते लोगों को पानी की समस्या से भी जूझना पड़ा। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक आने वाले दिनों में भी मौसम ऐसे ही करवट लेगा। पांच-छह दिनों में मानसून भी यहां आ जाएगा। उसके बाद झमाझम बारिश शुरू हो जाएगी।
इसके पूर्व बुधवार की सुबह से ही मौसम का मिजाज एक दिन पहले की अपेक्षा बदला नजर आया। सुबह से ही आसमान में बादल लुकाछिपी करते रहे। हालांकि बीच-बीच में बादल गायब होते तो सूरज का ताप बढ़ जाता। इस पर पश्चिमी हवाओं का दबाव लगातार बना रहा। शाम सात बजे के बाद तेज हवाओं के झोंक चलने के साथ बादल उमड़ आए। जिले के कई हिस्सों में उन्होंने तेज बारिश और कई जगह बूंदाबांदी की। इस दौरान विद्युत आपूर्ति ठप कर दी। तेज हवाओं के चलने से एमजी मार्ग सहित कई इलाकों में पेड़ भी गिर पड़े, जिसके चलते बिजली आपूर्ति पटरी से उतर गई। हालांकि रात 10 बजे तक अधिकांश हिस्सों में बिजली आपूर्ति को बहाल कर दिया गया था लेकिन नार्थ मलाका सहित शहर पश्चिमी, पुराने शहर में आपूर्ति की समस्या बनी रही। लोग विद्युत सबस्टेशनों पर शिकायत दर्ज कराते रहे लेकिन गड़बड़ी ठीक न होने से आपूर्ति को ठप रखी गई। पश्चिमी हवाएं देर रात चलती रहीं। मौसम विभाग के अनुसार कई दिनों से तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस के पास बना रहा। इसके चलते निमभन वायुदाब का केंद्र बन गया, जिसके चलते नम हवाओं ने इधर की ओर रुख कर लिया। इससे बादल भी छा गए। बादलों के छाने से मौसम में नमी आ गई। बुधवार को अधिकतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस नीचे आ गया और अधिकतम और न्यूनतम नमी 10 फीसदी तक बढ़ गई। इससे शहरियों को गर्मी और उमस से राहत मिल गई।