रेलवे स्टेशनों पर रेलनीर के लिए महज एक रुपये के चिल्लर को लेकर होने वाली किचकिच का मामला रेलवे बोर्ड तक पहुंच गया है। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद इस मुद्दे के बाद रेल प्रशासन हरकत में आया है।
रेलवे स्टेशनों पर रेलनीर के लिए महज एक रुपये के चिल्लर को लेकर होने वाली किचकिच का मामला रेलवे बोर्ड तक पहुंच गया है। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद इस मुद्दे के बाद रेल प्रशासन हरकत में आया है। मामले को सुलझाने के लिए सीनियर डीसीएम प्रयागराज हरिमोहन ने बोर्ड को कई अहम सुझाव दिए हैं।
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बताया जा रहा है कि रेलनीर की बोतल की साइज (मात्रा) बढ़ाने के लिए कहा गया है, ताकि उसकी उत्पादन लागत के अनुसार दाम दोबारा 15 या 20 रुपये लिए जा सके। इससे न तो यात्री ठगा हुआ महसूस करेगा और न ही वेंडर को चिल्लर के लिए परेशान होना पड़ेगा। उम्मीद जताई जा रही है कि बोर्ड के दखल के बाद जल्द ही यह परेशानी दूर होगी। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने बताया कि सभी तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं पर विचार कर जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।