इलाहाबाद।
सिविल लाइंस में पत्थर गिरिजा के पास रविवार रात बाइक सवार लुटेरों ने
कारोबारी को गोली मारने के बाद पत्नी का पर्स लूट कर भाग निकले। सिविल
लाइंस थाने से महज दो सौ मीटर की दूरी पर हुई वारदात से सनसनी फैल गई। गोली
की आवाज सुनकर आसपास के लोग पहुंचे तो कारोबारी खून से लथपथ सड़क पर पड़ा
तड़प रहा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल कारोबारी को एसआरएन अस्पताल
में भर्ती कराया।
फैजाबाद के दिल्ली दरवाजा के रहने वाले मो.असलम (35)
बिजनेसमैन है। वह एनजीओ भी चलाते हैं। सुबह वह अपनी पत्नी रिफत खलीक को ऑल
इंडिया बार (लॉ)का पेपर दिलाने के लिए शहर आए थे। सहसों स्थित कें द्र पर
परीक्षा देने के बाद रिफत अपनी बहन सीमा के घर करेली चली गईं। बहन के घर
खाना खाने के बाद वे रात में सिविल लाइंस बस अड्डे पहुंचे। लेकिन फैजाबाद
की बस नहीं मिली तो वे पैदल ही ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन जाने लगी। पत्थर
गिरजा घर के पहले वाली गली में पीछे से दो बाइक पर चार बदमाशों आए।
बदमाशों ने तमंचा निकाला और असलम के पेट में सटाकर गोली मार दिया।
गोली
लगते ही असलम गिर पड़े। लुटेरों को देखकर रिफत दहशत में आ गई। लुटेरे रिफत
के हाथ से पर्स छीनकर भाग निकले। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग पहुंचे
और पुलिस को सूचना दिया। सूचना सहायक पुलिस अधीक्षक सचिंद्र पटेल,
इंस्पेक्टर महेश पांडेय, एसआई इंदल यादव और संतोष सिंह मौके पर पहुंचे।
घायल असलम को एसआरएन अस्पताल ले जाया गया। जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई
है। सूचना पर रिफत के बहन और बहनोई एसआरएन पहुंचे। रिफत ने बताया कि पर्स
में तीन हजार रुपये, एक अंगूठी,घड़ी और जरूरी कागजात थे। बदमाश नीले रंग की
पल्सर और सफेद रंग की अपाची से बताए जा रहे हैं। लुटेरों की उम्र तीस के
आसपास बताई जा रही है।
पहले गोली मारने फिर लूट की थ्योरी ने उलझाया
इलाहाबाद।
पहले गोली मारने और फिर लूट की थ्योरी ने पुलिस को उलझा दिया है। लूट के
लिए वारदात को अंजाम दिया होता तो लुटेरे गोली मारने से पहले पर्स छीनते।
लेकिन बदमाशों ने पहले गोली मारा। जबकि देखने से लग रहा था कि दंपति
परीक्षा देने ही आए हैं। इतनी लूट के लिए गोली मारने की बात पुलिस के गले
नहीं उतर रही है। लुटेरों ने सिर्फ पर्स ही छीना और कुछ नहीं। आशंका है कि
बदमाश बस अड्डे से ही पीछे लगे थे। पत्थर गिरजा घर के पास सन्नाटा देख
वारदात को अंजाम देकर भाग निकले।