फूलपूर के सपा सांसद नागेंद्र प्रताप सिंह पटेल ने शुक्रवार को कुंभ के तहत शहर में हो रहे कार्यों का निरीक्षण कर गुणवत्ता की जानकारी ली। सड़क चौड़ीकरण एवं पार्कों के निर्माण स्थिति जानने के साथ ही उन्होंने झूंसी, अंदावा, सोहबतिया बाग, बालसन चौराहे पर हो रहे निर्माणों की पड़ताल की। इस दौरान कई जगह हाल में बनी सड़कें और डिवाइडरों की गिट्टियां-ईंटे उखड़ी हुई मिलीं।
सांसद ने बताया कि कार्य मानक के अनुरूप नहीं हो रहे हैं। बिना नींव की खुदाई के ही सड़कों के किनारे बाउंड्री वॉल का निर्माण किया जा रहा है। मौके पर देखा गया कि जुड़ाई के बाद ईंटों की तराई नहीं हो रही है। इस वजह से मामूली ठोकर लगने से ही ईंटें उखड़ जा रहीं हैं। सीमेंट और बालू भी मानक के अनुरूप नहीं है। सड़क चौड़ीकरण के लिए अगल-बगल मिट्टी के बजाए कूड़ा, कचरा एवं मलबे के ढेर मिले। इस पर सांसद ने आपत्ति जताई और कहा कि इस सड़क पर ट्रकों व अन्य वाहनों के चलने पर सड़कों में गड्ढे हो जाएंगे। जल्दी ही सड़क ध्वस्त हो जाएगी।
सांसद ने बलसन चौराहे पर स्थित पार्क को तोड़कर छोटा करने और पेड़ों की कटाई पर चिंता जताई। कहा कि इतने बड़े पार्क में एक दर्जन से अधिक छायादार वृक्ष काट दिए गए। पार्क में लगी महात्मा गांधी और पं. जवाहर लाल नेहरू की प्रतिमाओं को भी हटा कर दूसरी जगह लगा दिया गया है। एक बार सड़कों को चौड़ा करने, पार्क की बाउंड्रीवाल बनाने पर काफी धन और समय बर्बाद कर अब इसे फिर तोड़ा जा रहा है। वहां मौजूद संतलाल वर्मा, दिनेश यादव, इविवि के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष संजय तिवारी, नंदलाल यादव, जयसिंह, पप्पू यादव ने सांसद से शिकायत की कि एडीए के अधिकारियों की मनमानी के चलते यहां की हरियाली गायब हो गई। सांसद ने निर्माणों को बार-बार तोड़े जाने, धन व्यय करने पर आपत्ति जताई। इस दौरान उनके साथ सपा के जिला प्रवक्ता दान बहादुर मधुर, रवींद्र यादव एडवोकेट, आरएन यादव, अरुण यादव, डॉ मानसिंह, डॉ हरिप्रकाश मौजूद थे।
कांग्रेस के महासचिव मुकुंद तिवारी ने कुंभ के नाम पर हो रहे निर्माण कार्यों में मानक की अनदेखी का आरोप लगाया है। कहा कि ठेकेदार और अभियंताओं की मिलीभगत से घटिया निर्माण कराया जा रहा है। थर्ड पार्टी जांच एजेंसी से जनता का भरोसा उठ चुका है। उन्होंने राज्यपाल से कुंभ के कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की और चेताया कि अगर सुधार नहीं लाया गया तो पार्टी धरना-प्रदर्शन करने के लिए विवश होगी।