सेंट मैरीज स्कूल से की 10वीं और 11वीं की पढ़ाई
गीतांजलि सेंट मैरीज स्कूल में 10वीं-11वीं की छात्रा रही हैं। गीतांजलि के साथ सेंट मैरीज में पढ़ने वाली बचपन की सहेली गौरी सक्सेना को जब इसकी जानकारी मिली तब उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। वह स्टैची रोड स्थित अंशुल अपार्टमेंट के अपने फ्लैट में आसपास के लोगों के साथ उन पुराने दिनों को याद करने के साथ खुशियां साझा करने में जुट गई। रेलवे में चीफ कामर्शियल मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त हो चुकीं गौरी भी कविता-कहानियां लिखने का शौक रखती हैं।
हिंदी जगत के लिए बताया गर्व की बात
वह बताती हैं कि गीतांजलि के साथ बिताए करीब 50 साल पुरानी यादों को उन्होंने अब भी सहेज कर रखा है। गौरी उन दिनों की आत्मीयता और अपनेपन को याद कर भावुक हो जाती हैं। वह बताती हैं कि गीतांजलि बहुत ही मिलनसार थी। उनकी आंखें हमेशा से परिकल्पनाओं, बड़े सपनों से भरी रही हैं। वह कहती हैं कि उनकी सहेली ने पूरे देश का मान बढ़ाया है। वह ईश्वर से प्रार्थना करती हैं कि वह इसी तरह सृजन के पथ पर और भी बेहतर प्रयोग करती रहें।
इसी तरह गीतांजलि की बड़ी बहन गायत्री की सहेली इलाहाबाद विश्वविद्यालय की प्रोफेसर आशा लाल की भी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वह बताती हैं कि यह दिन पूरे हिंदी जगत के लिए गर्व का है, जिसे गीतांजलि ने दिखाया। हम सबको इस मिट्टी की बेटी पर नाज है। गीतांजलि के पिता अनिरुद्ध पांडेय कभी इस जिले के डीएम रहे हैं। वह इलाहाबाद नगर पालिका के प्रशासक भी रहे।