विश्व को सदाचार का पाठ पढ़ाने वाले भगवान बुद्ध की 2579वीं जयंती बैसाख पूर्णिमा शनिवार को धूमधाम से मनाई गई। शहर के सामाजिक, धार्मिक संगठनों ने जहां विभिन्न स्थानों पर सभाएं कर पंचशील व्रत का संकल्प लिया गया। वही बौद्ध कम्यून इंटरनेशनल की ओर से अरैल स्थित बौद्ध विहार में महापर्व महोत्सव आयोजित किया गया। जिसमें बुद्ध के सिद्धांतों को फैलाने का संकल्प दोहराया गया।
अरैल स्थित सम्राट हर्षवर्द्धन बुद्ध विहार में कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई। भंते देवानंदवर्द्धन द्वारा अष्टशील संकल्प दिलाया गया। उसके बाद धम्म चर्चा हुई। बौद्ध कम्यून इंटरनेशनल के निदेशक जी.एस.शाक्य ने कहा भगवान बुद्ध ने दुनिया में सदाचार का संदेश प्रसारित किया। उसके बताए रास्ते पर चलकर ही आपसी भाईचारा एवं शांति स्थापित की जा सकती है। उन्होंने भगवान बुद्ध के उपदेशों को जन-जन तक पहुंचाने की बात कही। इस अवसर पर अशोक वर्द्धन, मनीष वर्द्धन, उपासक एवं भिक्षु संघ उपस्थित रहा।
डा. अंबेडकर वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से डा. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर बौद्ध महोत्सव, धम्म दीक्षा समारोह हुआ। बतौर मुख्य अतिथि अपर पुलिस महानिदेशक बी.पी. जोगदंड ने बौद्ध संस्कृति को फिर से गतिशील करने की बात कही। इलाहाबाद संग्रहालय के उपनिदेशक डा. ओंकार वानखेड़े ने कहा बुद्ध दुनिया के पहले उपदेशक हैं जिन्होंने सदाचार की नींव पर धम्म को खड़ा किया। पंचमलाल, राजेश चौधरी, मेहीलाल, राजदेव आदि ने विचार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों ने बुद्ध वंदना कर बौद्ध धर्म में शामिल हुए। अध्यक्षता अधिवक्ता शुकदेव ने की।
सम्राट अशोक फाउंडेशन, डा. भीमराव अंबेडकर वैचारिक अधिवक्ता मंच, प्रगतिशील समाज पार्टी, साईं भक्त प्रयाग, मानव एकता संघ आदि की ओर से जयंती समारोह मनाया गया।
देवपती मेमोरियल ट्रस्ट एवं प्रबुद्ध फाउंडेशन की ओर से अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर दीपदान हुआ और खीर प्रसाद बांटा गया। सचिव वरुण कुमार सिंह की देखरेख में प्रतिमा स्थल को बिजली की आकर्षक झालरों से सजाया गया। उपासक उपासिकाओं से समाज में मैत्री भावना के प्रसार करने की बात कही गई।
कुशवाहा बंधु संस्था की ओर से सिविल लाइंस स्थित हनुमत निकेतन मंदिर के सामने से धम्म शोभायात्रा निकाली गई। प्रियतम सिंह कुशवाहा की अगुवाई में निकाली गई शोभायात्रा की शुरूआत त्रिशरण पंचशील पाठ से हुई। पूरे रास्ते बुद्ध की करुणा चाहिए का नारा लगता रहा। हाथी पार्क स्थित बुद्ध प्रतिमा स्थल पर पहुंचकर यात्रा समाप्त हुई। संरक्षक रमेश चंद्र कुशवाहा की देखरेख में पंचशील पाठ के बाद खीर प्रसाद बांटा गया। इस अवसर पर ममता मौर्य, डा. एस.वी. मौर्य, राम सजीवन नाथ, रामेश्वर सिंह कुशवाहा, दुर्गा प्रसाद, वी.डी. मौर्य, रितु कुशवाहा, कमला कुशवाहा, सुरेशचंद्र आदि उपस्थित रहे।