धूमनगंज में रहने वाली बीएससी की छात्रा ज्योतिका सिंह (19) ने फांसी लगाकर जान दे दी। दोपहर में घटना की जानकारी पर परिवारवालों में कोहराम मच गया। सूचना पर पुलिस पहुंची और जांच पड़ताल के बाद शव को मर्चरी भेज दिया। पुलिस का कहना है कि परिवारवाले भी घटना की वजह नहीं बता सके। जांच पड़ताल की जा रही है।
प्रीतमनगर के ईडब्ल्यूएस कालोनी निवासी जय सिंह कंप्रेशर बनाने का काम करते हैं। उनके तीन बच्चों में सबसे बड़ी ज्योतिका (19) ने इसी साल 12वीं पास करने के बाद बीएससी में दाखिला लिया था। पुलिस के मुताबिक, रविवार दोपहर में वह दूसरे तल पर स्थित कमरे में चली गई। बहुत देर तक नीचे न उतरने पर मां उसे बुलाने पहुंची लेकिन दरवाजा भीतर से बंद मिला। बहुत आवाज देने पर भी कोई जवाब नहीं मिला तो छोटी बहन साक्षी व भाई मुन्ना भी आ गया। शोरगुल पर पड़ोसी जुट गए और फिर किसी तरह दरवाजा तोड़कर लोग कमरे के भीतर दाखिल हुए।
वहां ज्योतिका का शव फांसी पर लटका मिला जिसे देख परिवारवाले बदहवास से हो गए। सूचना पर पुलिस भी पहुंची और जांच पड़ताल की। मौके से ही मृतका का मोबाइल मिला लेकिन किसी तरह का सुसाइड नोट नहीं मिला। पुलिस के मुताबिक, परिवारवाले भी समझ नहीं पा रहे हैं कि उसने ऐसा कदम क्यों उठाया। उनका यही कहना है कि रविवार को भी रोज की तरह ही वह अपने काम में व्यस्त थी और फिर अचानक उठकर कमरे में चली गई।
फोन पर किससे हुई आखिरी बार बात?
सूत्रों का कहना है कि छात्रा के मोबाइल से कुछ चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। उसके मोबाइल में कुल 32 मिस्ड कॉल पड़ी थीं। जिसमें से ज्यादातर कॉल उसकी मां ने किए थे। पूछताछ में मां ने बताया कि दरवाजा न खुलने पर उसने बेटी के मोबाइल पर फोन किए थे। उधर कॉल डिटेल से पता चला कि दोपहर 1.57 पर उसके फोन पर किसी की कॉल आई जिससे उसकी तीन मिनट तक बात हुई। हालांकि यह नहीं पता चल सका कि फोन करने वाला कौन था। 2.09 बजे मां ने भी फोन किया लेकिन छात्रा ने कॉल रिसीव नहीं की। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 1.27 मिनट पर छात्रा ने पंखे पर दुपट्टे से बनाए गए फंदे की तस्वीर अपने मोबाइल से खींची। धूमनगंज पुलिस का कहना है कि जांच पड़ताल की जा रही है।