नगर पंचायत चुनाव के दौरान चायल में सगे भाई व देवर-भाभी आमने-सामने हो गए हैं। चुनाव चिन्ह मिलने के बाद सभी मतदाताओं के बीच जाकर प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। राजनीति के अखाड़े में सगे भाइयों व देवर-भाभी को आमने-सामने देख मतदाता भी चुस्की ले रहे हैं।
नगर पंचायत चायल में अध्यक्ष पद के लिए आधा दर्जन प्रत्याशी अपने सगे भाई व भाभी से मुकाबला करते देखे जा रहे हैं।
इसका खुलासा गुरुवार को नाम वापसी के बाद हुआ। शुक्रवार को चुनाव चिन्ह लेने के बाद इन प्रत्याशियों ने मतदाताओं के बीच प्रचार जोर-शोर से शुरू कर दिया है। इनमें मो. हमजा व मो. तलहा सगे भाई हैं। इसी तरह मो. फाकिर व मो इमरान सगे भाई हैं। तीसरा दिलचस्प मामला देवर और भाभी का है। शिवमनी केसरवानी व ज्ञानचंद्र केसरवानी रिश्ते में देवर-भाभी हैं।
चुनाव चिन्ह मिलने के बाद यह प्रत्याशी अपने सगों को मात देने के लिए प्रचार में पूरी ताकत झोंक बैठे हैं। इस दिलचस्प नजारे का नगर पंचायत चायल के मतदाता भरपूर आनंद उठा रहे हैं।
मांगा था स्कूटर मिल गए पेड़ और सैनिक
नगर पंचायत चायल में अध्यक्ष पद के तीन निर्दलीय उम्मीदवारों ने आरओ से एक ही चुनाव चिन्ह की मांग कर ली। इनमें मो. आदिल, शिवमनी केसरवानी व मामूर अहमद शामिल हैं। शुक्रवार को चुनाव चिन्ह आवंटन के दौरान एक पद के तीन प्रत्याशियों द्वारा एक ही चिन्ह मांग लिए जाने पर कुछ देर तक निर्वाचन अधिकारी पसोपेश में दिखे।
इसके बाद पर्ची के जरिए तीनों के चुनाव चिन्ह का आवंटन कर दिया गया। इसमें मो. आदिल को तो स्कूटर मिल गया पर शिवमनी को पेड़ व मामूर अहमद को सैनिक चिन्ह से संतोष करना पड़ा।