ईद के मौके पर रात भर जागने वाले पुराने शहर के कई बाजार की रौनक रविवार की रात गायब रही। लॉक डाउन पार्ट-4 की वजह से रोशन बाग, नखास कोहना, अहमदगंज, चौक का बरामदा, अटाला, नूर उल्लाह रोड पर खरीदार को दिखाई दिए लेकिन अधिकांश दुकानें बंद होने की वजह से लोग मनमाफिक खरीदारी नहीं कर सके। हालांकि पुराने शहर की तमाम गलियों में जरूर रौनक दिखाई दी। यहां ईद की खरीदारी के लिए कुछ दुकानें खुली भी तो घंटों में तमाम सामान बिक गए।
ईद के मौके पर रोशन बाग में सर्वाधिक भीड़ जुटती है। लेकिन इस बार लॉक डाउन की वजह से यह बाजार पूरी तरह से बंद रहा। पिछले दो दिन से यहां पुलिस की सख्ती से एक भी दुकान नहीं खुल सकी। सलवार कुर्ता, लहंगा, रेडीमेड गारमेंट, जूता-चप्पल आदि केलिए मशहूर इस बाजार में रमजान के दरम्यान कुछ कारोबारियों ने आधा शटर खोलकर कारोबार किया भी, लेकिन बीत दो दिन से यह बाजार बंद ही रहा।
ईद के एक दिन पहले यह बाजार तकरीबन पूरी रात ही खुलता है, लेकिन वर्षों बाद इस बाजार में लॉक डाउन की वजह से सन्नाटा पसरा रहा। इसी तरह चौक स्थित बरामदा जो सौंदर्य प्रशाधन, चुड़ी एवं अन्य फैंसी आइटम की बिक्री के लिए मशहूर है वह भी रविवार को पूरी तरह से बंद ही रहा। हालांकि लॉक डाउन की वजह से यह बाजार 22 मार्च से ही बंद चल रहा है।
करेली के मो. अबराज ने बताया कि यह पहला मौका है कि जब ईद से पहले शहर के यह दोनों बाजार बंद रहे। उधर, नखास कोहना, अहमदगंज, शाहगंज, खुल्दाबाद आदि इलाकों में सुबह कुछ लोगों ने दुकानें खोलने का प्रयास किया भी लेकिन पुलिस ने उन दुकानों को बंद करवा दिया। नखास कोहना एवं उसके आसपास के इलाकों में कुछ दुकानदारों ने फुटपाथ पर सेंवई बेची, लेकिन दिन भर पुलिस के कहने पर उन्हें भी अपनी दुकानें दिन में कई बार समेटनी पड़ी।
करेली, नूरउल्लाह रोड का भी यही हाल रहा। अटाला की गलियों में जरूर कुछ दुकानें खुलीं। इसके पूर्व सुबह लोकनाथ एवं नीम के पेड़ के पास स्थित ड्राईफ्रूट की दुकान पर बादाम, काजू, किशमिश एवं अन्य मेवा खरीदने वालों की संख्या काफी रही। अकबरपुर के एसजे रहमानी ने बताया कि इस बार बाजार बेहद फीका रहा। लेकिन कोविड़-19 से निबटने के लिएसोशल डिस्टेसिंग जरूरी भी है।