प्रयागराज-रायबरेली मार्ग पर फोरलेन सड़क निर्माण चल रहा। हाईवे पर उड़ती धूल की वजह से लोगों की सांस फूल रही है। साथ ही कारोबारियों का व्यापार चौपट हो रहा है। धूल उड़ने से राहगीरों का आवागमन मुश्किल हो गया है। लोग मुंह पर कपड़ा बांधकर चलने को मजबूर हैं। लोगों का आरोप है कि कार्यदायी संस्था की लापरवाही और पानी का छिड़काव न होने से पूरा इलाका धूल में तब्दील हो गया है। नवाबगंज-मंसूराबाद के बीच धूल को कम करने के लिए पानी छिड़काव की मांग की गई है।
नवाबगंज से लालगोपालगंज के मध्य फोरलेन सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। कार्यदायी संस्था की कार्यप्रणाली से सड़क किनारे रहने वाले लोग बेहद खफा हैं। धूल को नियंत्रित करने के लिए कार्यदायी संस्था कोई कदम नहीं उठा रही है।
रेरूआ गांव से महेशगंज बाजार के दर्जनों दुकानदारों का कारोबार पूरी तरह चौपट हो रहा है। दुकानों में रखा सामान धूल से पट जाता है। जिस कारण ग्राहक दुकानों पर आने से कतरा रहे हैं। क्षेत्र के ब्रहम्दीन, रामराज पटेल, रिजवान अहमद, रामबहादुर यादव ने बताया कि हाईवे पर भारी वाहनों का दबाव बहुत अधिक है। दिन भर रोडवेज, निजी बसों और चार पहिया वाहनों की आवाजाही लगी रहती है। जिस वजह से दिनभर धूल उड़ती रहती है। यहां दिन में पानी का छिड़काव कराना जरूरी है।