सिविल लाइंस स्थित ब्वॉयज हाईस्कूल के प्रधानाचार्य डेविड ल्यूक पर एमए की फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी करने का आरोप लगा है। लखनऊ डायोसिस के बिशप मोरिस एडगर दान ने सिविल लाइंस थाने में तहरीर देकर नौकरी से अब तक कमाए 3.25 करोड़ रुपये की रिकवरी कराने और कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
पुलिस को दी तहरीर में बिशप ने बताया कि 16 अप्रैल 2012 को ब्वॉयज हाईस्कूल के प्रधानाचार्य का पद खाली होने पर डेविड ल्यूक ने इस पद के लिए आवेदन किया था। जिसमें उन्होंने अपने समस्त शैक्षणिक प्रमाणपत्र दाखिल किए थे। उन्हीं प्रमाणपत्रों के आधार पर उन्हें कार्यवाहक प्रधानाचार्य के पद पर नियुक्त किया गया।
बाद उन्हें डेविड ल्यूक की एमए की मार्कशीट फर्जी होने की शिकायत मिली। इस पर 22 जुलाई 2024 को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर से अंक तालिका के प्रमाणीकरण के लिए पत्र लिखा गया था। आठ अगस्त को विवि की तरफ से मिली सत्यापन रिपोर्ट में पता चला कि डेविड ल्यूक की ओर से प्रस्तुत किए गए अंकपत्र के अनुक्रंमाक का वहां उस सत्र में पंजीयन ही नहीं है। उनकी एमए की डिग्री की प्रमाणित नहीं हुई है।
मोरिस एडगर दान ने पुलिस को तहरीर देकर डेविड ल्यूक से अब तक आहरित किए गए 3.25 करोड़ रुपये वापस कराने और उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। सिविल लाइंस इंस्पेक्टर रामाश्रय यादव ने बताया कि इस मामले में तहरीर मिली है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। उधर, प्रधानाचार्य डेविड ल्यूक ने कहा कि सत्यापन रिपोर्ट फर्जी तैयार कराई गई है।
मोरिस एडगर दान हाईस्कूल सोसाइटी के न तो चेयरमैन हैं और ना ही बिशप अगर वह बिशप हैं तो अपनी नियुक्ति का पत्र सार्वजनिक करें। ल्यूक ने बताया कि उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ को इस सच्चाई से अवगत कराने के लिए समय ले लिया है। रक्षाबंधन के बाद वह सीएम से मिलने लखनऊ जाएंगे।