बहरिया (प्रयागराज)। बहरिया के जुगनीडीह गांव के रहने वाले अमित कुमार यादव (20) पुत्र रमेश चंद यादव पर उसके दोस्त ने ही प्राणघातक हमला किया। धारदार हथियार से लहूलुहान कर उसी की गाड़ी का पेट्रोल डालकर उसे जिंदा जलाने का प्रयास किया। उसके सिर पर पत्थर से वार भी किया। हमलावर ने उसे मरा समझ मनसैता नदी के पुल पर फेंक दिया। मंगलवार को ग्रामीणों ने गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक दोनों में 20 हजार रुपये के लेनदेन का विवाद था।
अमित कुमार सोमवार की सुबह करीब 9 बजे बाइक लेकर घर से लेकर निकला था। देर शाम जब वह वापस नहीं लौटा तो उसकी खोजबीन शुरू हुई। लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। मंगलवार की सुबह कुछ लोगों ने देखा कि पिलखिन देवी मंदिर के पीछे मनसैता नदी के पुल पर अमित बुरी तरह से जख्मी हालत में पड़ा था। गले पर सिगरेट से दागने के निशान थे। उस पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। चेहरा और छाती पेट्रोल से जला था। उसके सिर में पत्थर से भी प्रहार किया गया था। सूचना पर इंस्पेक्टर बहरिया बच्चे लाल प्रसाद तथा चौकी इंचार्ज सिकंदरा शुभनाथ साहनी मौके पर पहुंचे। अमित की हालत बेहद गंभीर थी। स्थानीय डॉक्टरों ने उसे एसआरएन अस्पताल भेज दिया। उधर सोशल मीडिया पर खबर वायरल होने पर डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी, एसपी क्राइम आशुतोष मिश्रा समेत तमाम अधिकारी पहुंच गए।
अमित की पत्नी मीरा ने बताया कि उसके पति ने अपने दोस्त राजेश उर्फ पप्पू को 20 हजार रुपये दिए थे, वह पप्पू से अपने रुपये वापस मांग रहा था। पुलिस ने पप्पू को हिरासत में ले लिया। उसके मोबाइल के कॉल लॉग से खुलासा हो गया कि दोनों लगातार संपर्क में थे। कड़ाई से पूछताछ में पप्पू ने पुलिस को बताया कि अमित का उसके साथ पैसों का लेनदेन चलता था। सोमवार को भी दिन भर दोनों साथ में थे। साथ में खाया पिया भी। रात में पैसे की वापसी की बात पर अमित ने कुछ ऐसा कह दिया जो उसे नागवार गुजरा। झगड़ा शुरू हुआ और उसने अमित को घायल कर दिया।
पैसों के लेनदेन को लेकर अमित पर हमला किया गया। पेट्रोल डालकर जलाने का प्रयास किया गया। आरोपी को पकड़ लिया गया है। उसने जुर्म कुबूल कर लिया है। -सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी, डीआईजी , प्रयागराज
साइको किलर की तरह किया अमित को मारने का प्रयास
बहरिया। अमित पर प्राणघातक हमला करने वाले राजेश ने साइको किलर की तरह अमित की हत्या का प्रयास किया। उसने जिस खौफनाक ढंग से वारदात को अंजाम दिया, उससे पुलिस अधिकारी भी हैरान हैं। पप्पू आपराधिक प्रवृत्ति का है। गाड़ी चोरी में वह जेल जा चुका है। उस पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है।
अमित यादव ने कुछ साल पहले पप्पू के साथ ही काम शुरू किया था। जल्द ही टवेरा का ड्राइवर हो गया था। उसकी इच्छा थी कि उसकी खुद की गाड़ी हो जाए। किसी से उसने बात की और एक लाख एडवांस भी दे दिया। उसने कई लोगों को पैसे उधार दे रखे थे। पप्पू के पास अमित के 20 हजार थे। जिसे वह वापस मांग रहा था। जिस तरह से पप्पू ने अमित को मारने की कोशिश की, उससे सभी हैरत में हैं। पप्पू ने अमित की बाइक से पेट्रोल निकाला और उसके चेहरे और शरीर में छिड़ककर सिगरेट से कई बार दागा। अंत में उस पर पत्थर से हमला भी किया, ताकि वह उसके खिलाफ गवाही न दे सके। डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने बताया कि पप्पू पहले से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहा है। इस कारण उसके खिलाफ पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी।