छात्रसंघ वार्षिकोत्सव के आयोजन को लेकर इलाहाबाद विश्वविद्यालय में तनाव बढ़ गया है। रविवार दोपहर छात्रसंघ भवन के सामने चार बम चले और इससे वहां अफरातफरी मच गई। इस घटना के बाद छात्रसंघ अध्यक्ष और महामंत्री खुलकर आमने-सामने आ गए हैं। कार्यक्रम के विरोध में एबीवीपी से जुड़े छात्रसंघ महामंत्री शिवम सिंह का आमरण अनशन जारी है। उनका कहना है कि सपाइयों ने ही बम चलाए, जबकि छात्रसंघ अध्यक्ष ने बमबाजी के लिए अराजक तत्वों को जिम्मेदार ठहराया है।
महामंत्री शिवम सिंह एवं अन्य छात्र जिस जगह अनशन पर बैठे हैं, रविवार दोपहर उससे दस कदम की दूरी पर चार बम फटे। सूचना पाकर मौके पर पुलिस फोर्स पहुंची, लेकिन बम चलाने वाले वहां से भाग निकले। छात्रसंघ भवन के आसपास बड़ी संख्या में फोर्स तैनात कर दी गई है। हालांकि इविवि प्रशासन की एडवायजरी कमेटी 12 फरवरी को छात्रसंघ वार्षिकोत्सव में होने वाले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के कार्यक्रम पर रोक लगा चुकी है, लेकिन वार्षिकोत्सव पर कमेटी ने कोई रोक नहीं लगाई है।
अखिलेश के कार्यक्रम का विरोध कर रहे महामंत्री शिवम सिंह कहना है कि छात्रसंघ पर भव्य मंच तैयार किया जा रहा है। टेंट आदि लखनऊ से मंगाए गए हैं। आयोजन स्थल पर सपा के तमाम बड़े नेता तैयारी में जुटे हैं। ऐसे में छात्रसंघ वार्षिकोत्सव सपाइयों का हो गया है।महामंत्री का आरोप है कि सपाइयों ने वहां बम चलवाए ताकि डरा-धमकाकर आंदोलन को समाप्त कराया जा सके। महामंत्री का यह आरोप भी है कि गोंडा में उनके परिवार वालों को सपा से जुड़े कुछ नेताओं ने धमकी दी है। वहीं, घटना के वक्त मौके पर आयोजन की तैयारी करा रहे एमएलसी रामवृक्ष यादव, समाजवादी छात्रसभा से जुड़े छात्रसंघ अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव का कहना है कि कुछ अराजकतत्वों ने बम चलवाए, ताकि माहौल बिगाड़कर वार्षिकोत्सव के आयोजन को रोका जा सके।
छात्रसंघ में हुई बमबाजी के बाद इविवि प्रशासन की ओर से डीएम और एसएसपी को पत्र भेजकर पूरे मामले की जानकारी दी गई और आग्रह किया गया कि अखिलेश यादव के कार्यक्रम को लेकर इविवि की एडवायजरी कमेटी ने जो निर्णय लिया है, उसका पालन कराया जाए। चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे और डीएसडब्ल्यू प्रो. हर्ष कुमार की ओर भेजे गए पत्र में कहा गया है कि छात्रसंघ अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव पूछने पर कभी कह रहे हैं कि अखिलेश केवल अध्यक्ष के चैंबर में चाय पीने आएंगे और कभी कहते हैं कि अखिलेश नहीं आएंगे। इससे ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है और इविवि में तनाव बढ़ता जा रहा है। ऐसे में पुलिस और जिला प्रशासन जो भी कार्रवाई करेगा, उसमें इविवि प्रशासन को कोई आपत्ति नहीं होगी।