फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुनर्प्राप्त जन्मोत्सव में रुद्राभिषेक ही करेंगे नंदी

विज्ञापन
bomb attack case on cabinet minister Nandi - फोटो : CITY DESK
विज्ञापन
- कोविड-19 की वजह से इस बार किसी भी तरह का नहीं होगा आयोजन
विज्ञापन

- सोशल मीडिया के माध्यम से समर्थक लाइव देख सकेंगे रुद्राभिषेक कार्यक्रम
प्रयागराज। सूबे के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी रविवार 12 जुलाई को अपने पुनर्प्राप्त जन्मोत्सव के अवसर पर किसी भी तरह का सार्वजनिक आयोजन नहीं करेंगे। इस बार वह सिर्फ अपने परिवार के सदस्यों के साथ बहादुरगंज स्थित मनोकामना शिव मंदिर में रुद्राभिषेक करेंगे। यह आयोजन फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर एवं सोशल मीडिया के अन्य माध्यमों से लाइव देखा जा सकेगा। नंदी ने अपने पुनर्प्राप्त जन्मोत्सव के एक दिन पहले वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से भाजपा कार्यकर्ताओं एवं अपने समर्थकों को यह जानकारी दी।
वीडियो कांफ्रेंस में नंदी ने कहा कि हर वर्ष यह आयोजन वृहद स्तर पर होता था, लेकिन कोविड-19 की वजह से यह आयोजन इस बार नहीं होगा। कहा, पिछली बार इस आयोजन को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्ड में भी जगह मिली। उन्होंने कहा कि बहादुरगंज क्षेत्र का सौंदर्यीकरण का काम तेजी से चल रहा है। लाइटिंग, डिवाइडर, गेट का निर्माण एवं दीवारों पर मनमोहक और आकर्षक कलाकारी उकेरी जा रही है। बता दें कि नंदी द्वारा मनोकामना शिव मंदिर के आसपास वाले तकरीबन सभी मकान भगवा रंग में रंगवाए गए हैं। बहुत से भवनों में भगवान शिव, पार्वती, गणेश जी एवं अन्य भगवान के चित्रों को उकेरा गया है।
विज्ञापन

फिर ताजा हुई खौफनाक यादें, रिमोट बम से हमले में दहला था जिला
प्रयागराज। 10 साल पहले आज ही के दिन संगमनगरी रिमोट बम से हमले की वारदात से दहल उठा था। कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्त नंदी पर हमले से न सिर्फ जिला बल्कि लखनऊ तक हिल गया था। मामले में 50 से ज्यादा लोगों की गवाही हो चुकी है और यह न्यायालय में विचाराधीन है।
घटना 12 जुलाई 2010 को कोतवाली थाना क्षेत्र के बहादुरगंज में हुई थी। बसपा सरकार में तत्कालीन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी पर रिमोट से विस्फोट कर जानलेवा हमला किया गया था। जिसमें घायल राकेश मालवीय और पत्रकार विजय प्रताप सिंह की मौत हो गई थी। प्रकरण में विवेचना के बाद पूर्व विधायक विजय मिश्रा, दिलीप मिश्रा सहित 16 अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया है। जिसमें से एक राजेश पायलट की मौत हो चुकी है। मामला न्यायालय में विचाराधीन है जिसमें 50 से ज्यादा लोगों की गवाही हो चुकी है।
पहली बार हुआ था आरडीएक्स का इस्तेमाल
बसपा सरकार में तत्कालीन कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी अपने घर से मंदिर जा रहे थे । तभी स्कूटर में रखे आरडीएक्स से रिमोट का प्रयोग करके उन पर जानलेवा हमला हुआ था। यह पहला मौका था जिले में किसी आपराधिक वारदात में आरडीएक्स और रिमोट बम का इस्तेमाल हुआ। हमले में नंदी बुरी तरह से घायल हुए थे जो महीनों बाद स्वस्थ हुए थे।
विज्ञापन

मुंबई में मिला था पायलट, दिल्ली में विधायक
पुलिस ने ज्ञानपुर के बाहुबली विधायक विजय मिश्रा केे साथ ही चाका ब्लाक प्रमुख दिलीप मिश्रा व शातिर अपराधी राजेश पायलट को आरोपी बनाया था जो घटना के बाद काफी दिनों तक फरार रहे। बाद में पायलट को मुंबई एयरपोर्ट से जबकि मुख्य आरोपी विजय मिश्रा को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। इस हाई प्रोफाइल मामले में कई सालों तक आरोपी जेल में बंद भी रहे। लेकिन बाद में उन्हें जमानत मिल गई। एक आरोपी दिलीप मिश्रा अभी हाल ही में एक अन्य मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें