मेयर पद के लिए आखिरी 15 मिनट में तीन उम्मीदवार नामांकन के लिए पहुंच गए थे। ऐसे में उनके नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने में करीब चार बज गए। जबकि, नामांकन के लिए तीन बजे तक का ही समय था। पार्षद के 100 पदों के लिए भी आखिरी दिन ज्यादा नामांकन हुए। सुबह 11 बजे ही सभी 15 नामांकन केंद्रों पर प्रत्याशियों एवं प्रस्तावकों की कतार लग गई थी। नामांकन के लिए कलेक्ट्रेट तथा तहसील परिसर के अलावा आसपास के क्षेत्रों में भी फोर्स मौजूद रही।
भाजपा कार्यकर्ताओं को रही अभिलाषा की तलाश
भाजपा उम्मीदवार उमेश चंद्र गणेश केसरवानी के साथ नामांकन के दौरान एकता दिखाने की भी कोशिश की गई। इस दौरान विधायक जिला पंचायत के अध्यक्ष डॉ.वीके सिंह, हर्षवर्धन बाजपेई, एमएलसी सुरेंद्र चौधरी समेत कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। इनके अलावा टिकट के प्रबल दावेदारों में शामिल रहे पूर्व विधायक दीपक पटेल, केपी ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष चौधरी राघवेंद्र सिंह, राकेश शुक्ला भी मौजूद रहे लेकिन निवर्तमान महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी नहीं दिखीं। इसे लेकर समर्थकों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं रहीं।
कांग्रेस में भी एका दिखाने की कोशिश
कांग्रेस में भी नामांकन के दौरान एकता दिखाने की कोशिश की गई। संजय तिवारी ने प्रभाशंकर मिश्र को उम्मीदवार बनाए जाने का विरोध किया था लेकिन नामांकन के दौरान वह मौजूद रहे। इनके अलावा राष्ट्रीय सचिव एवं प्रदेश प्रभारी राजेश तिवारी, उत्तरी जोन के अध्यक्ष अजय राय, नेता शेखर बहुगुणा, पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह, किशोर वाष्र्णेय, शहर अध्यक्ष प्रदीप मिश्र अंशुमन, रघुनाथ द्विवेदी, प्रदेश संयोजक आलोक पांडेय, हसीब अहमद आदि मौजूद रहे। हालांकि, नामांकन के दौरान कक्ष के बाहर कुछ कार्यकर्ताओं के बीच आपस में काफी विवाद हुआ। धक्का-मुक्की की स्थिति पहुंचने पर वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें अलग किया।
झंडा लेकर परिसर में पहुंचे समर्थक
रोक के बावजूद करीब सभी दलों के समर्थक नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचे। भाजपा का एक कार्यकर्ता तो बड़ा झंडा लेकर भी पहुंचा था। समर्थकों ने परिसर में जमकर नारेबाजी भी की। नामांकन कक्ष के बाहर नारेबाजी करने पर सुरक्षा कर्मियों ने रोका। इसे लेकर कई बार झड़प हुई। एक वरिष्ठ नेता को तो सुरक्षा कर्मी पकड़कर बाहर ले गए। फिर उन्हें अंदर नहीं आने दिया गया।
सपा के अजय के पास सबसे अधिक पैसा
मेयर पद के लिए नामांकन करने वाले प्रमुख दलों के प्रत्याशियों में सपा के अजय कुमार श्रीवास्तव सबसे अधिक धनी हैं। इनके अलावा बसपा के सईद अहमद एवं आम आदमी पार्टी के मो.कादिर भी करोड़पति हैं। अजय श्रीवास्तव के पास कुल 16 करोड़ रुपये से अधिक चल एवं अचल संपत्ति है। वहीं बसपा के सईद अहमद के पास छह करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्ति है। इसमें से 5.14 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। सईद के पास कार एवं ट्रैक्टर है। उन्होंने सातवीं तक की पढ़ाई की है। सईद पर धोखाधड़ी समेत सात मुकदमें हैं।
आम आदमी पार्टी के मो.कादिर एवं उनकी पत्नी के नाम पर मकान, दुकान समेत कुल 2.90 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। वहीं 72.33 लाख रुपये की अचल संपत्ति है। कादिर के पास पत्नी के नाम पर एक कार है। बारहवीं पास कादिर पर दो मुकदमें भी हैं।कांग्रेस के प्रभाशंकर मिश्रा विधि स्नातक हैं और इनके पास 56 लाख रुपये से अधिक चल एवं अचल संपत्ति है। इनके पास दो चार पहिया वाहन भी हैं। प्रभाशंकर पर एक मुकदमा भी है। भाजपा के गणेश केसरवानी के पास 21 लाख रुपये की चल अलच संपत्ति है। वह स्नातक और उन पर एक मुकदमा भी है।