कलक्ट्रेट सभागार में कर्मचरियों को प्रशिक्षण देते ट्रेनर।
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निकाय चुनाव ने कुनबे का भी बंटवारा कर दिया है। करारी के एक परिवार में सियासी बुखार इस कदर चढ़ा कि देवरानी और जेठानी आमने-सामने हो गईं। कस्बाई इस मुकाबले पर चटखारे ले रहे हैं।
कौशाम्बी की छह नगर पंचायतों में अघ्यक्ष और सदस्य पद के लिए 22 नवंबर को वोट डाले जाने हैं। इसके लिए सियासी सूरमा चुनावी समर में कूदे हैं। नगर पंचायत करारी में अध्यक्ष पद की सीट दलित महिला के लिए आरक्षित है। सियासत इस कदर हावी हुई कि एक ही परिवार की दो महिलाएं आमने-सामने हो गईं।
परिवार की एक महिला राजनीतिक दल की उम्मीदवार है तो दूसरी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में ताल ठोंक रही है। कुनबे की इन महिलाओं का आपस में रिश्ता देवरानी और जेठानी का है। चुनाव में एक ही परिवार की दो महिलाओं के आमने-सामने आने से माहौल काफी दिलचस्प हो गया है। प्रचार के दौरान देखा जा रहा है कि दोनों महिलाओं के समर्थन में कुनबे के लोग अलग-अलग बंटकर वोटरों से अपने-अपने पक्ष में समर्थन की अपील कर रहे हैं। हालांकि इन्हें एक करने के लिए घर-परिवार से लेकर नात-रिश्तेदार तक लग गए।
मगर सियासी तिकड़म के चलते दोनों के बीच सहमति नहीं बन सकी। चुनाव परिणाम जो भी हो मगर मुकाबला दिलचस्प है। इस चुनावी जंग पर समूचे कस्बे के लोगों की नजर टिकी है।