इलाहाबाद। देश में असहिष्णुता, भाईचारा और सांप्रदायिक सौहार्द के मुद्दे पर प्रदर्शन करने वाले कांग्रेसी आपस में ही बंट गए हैं। जिलाध्यक्ष अनिल द्विवेदी और शहर अध्यक्ष उपेंद्र सिंह के बीच मतभेद किसी से छिपा नहीं है, सो बृहस्पतिवार को जिला और शहर कांग्रेस कमेटी ने एक ही मुद्दे पर अलग-अलग गुटों में प्रदर्शन किया और अलग-अलग जगह सभाएं भी कीं। कांग्रेस में इसी गुटबाजी का नतीजा है कि पंचायत चुनाव में उसका सफाया हो गया। इसके बावजूद पार्टी पदाधिकारियों ने इससे कोई सबक नहीं लिया।
एक तरफ जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी कचहरी टैम्पो स्टैंड पर मंच लगाकर केंद्र और प्रदेश की सरकार पर हमला करते रहे तो दूसरी ओर शहर कांग्रेस कमेटी के लोगों ने कलक्ट्रेट में अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया और केंद्र एवं प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। दोनों कमेटियों के पदाधिकारियों ने अलग-अलग जिला प्रशासन के प्रतिनिधि के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन प्रेषित किया।
देश में असहिष्णुता और सांप्रदायिक सौहार्द के मुद्दे पर प्रदर्शन करने वाले कांग्रेसियों के बीच गुटबाजी सिर्फ प्रदर्शन या सभा स्थल तक ही सीमित नहीं रही। आयोजन के बाद शहर और जिला कमेटी के कुछ पदाधिकारियों ने यह साबित करने की भी कोशिश की कि उनका आयोजन बड़ा था और दूसरे के आयोजन में कोई भीड़ नहीं थी जबकि मौके पर दोनों के ही आयोजन में कुछ गिने-चुने और पुराने चेहरे ही नजर आए। मंच से उन्होंने एक-दूसरे पर निशाना भी साधा।
हालांकि सभा स्थल पर कुर्सियां खाली पड़ी रहीं और प्रदर्शन में भी दो दर्जन से कम लोग नजर नहीं आए। सभा और प्रदर्शन में किसानों की समस्या, महंगाई का मुद्दा भी उठाया गया। जिला कमेटी के कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष सहित प्रदेश उपाध्यक्ष अब्दुल मन्नान, पार्टी नेता किशोर वार्ष्णेय, अवधेश त्रिपाठी, गुल्लू गांधी, मुुकुंद तिवारी, अभिषेक शुक्ला संजय तिवारी, तसलीमउद्दीन, तारिक सईद अज्जू, हसीब अहमद और शहर कांग्रेस के कार्यक्रम में खुद शहर अध्यक्ष ही नहीं पहुंचे। इसमें मोहम्मद असलम, जयशंकर मिश्र, इरशाद उल्ला, आरडी वर्मा, सैयद मोहम्मद, सतीश केसरवानी आदि मौजूद रहे। शहर अध्यक्ष उपेंद्र सिंह कहना है कि वह अस्वस्थ होने के कारण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।