करछना (ब्यूरो)। करछना खास में सगे भाइयों की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर शुक्रवार को खासा हंगामा हुआ। ग्रामीणों ने जब अंतिम संस्कार से इंकार कर दिया तो अफसरों के हाथ पांव फूल गए। अफसर गांव पहुंचे और परिजनों को समझा बुझाकर शांत करवाया। इसके बाद शवों को अंतिम संस्कार के लिए मनैया गांव लाया गया। कड़े पहरे में दोनों सगे भाइयों बृजेश और रमेश का अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस ने हत्यारोपी सत्यराज सिंह और उसके बड़े बेटे राकेश को गिरफ्तार कर लिया गया है।
करछना खास में तनाव को देखते हुए पुलिस के साथ ही पीएसी भी तैनात कर दी गई है। जवान बेटों की अर्थी को पिता हरिकृष्ण लाल श्रीवास्तव ने कंधा दिया। परिजनों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। बृजेश को मुखाग्नि 12 वर्ष के बेटे अंकित ने दी। रमेश उर्फ राजू के शव को अवधेश ने मुखाग्नि दी। दोनों भाइयों की करछना के सीएचसी में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोप सतराज के परिवार पर लगा था। बात बच्चों के झगड़े के बाद बिगड़ी थी। दोनों भाई मेडिकल कराने सीएचसी गए थे तभी गोली चला दी गई थी। पुलिस ने शुक्रवार को हत्यारोपी सत्यराज और उसके बेटे राकेश को भीरपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। दोनों भाई भागने की कोशिश कर रहे थे। दोनों के पास से लाइसेंसी बंदूक भी बरामद हुई है।
मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम, दो खोखे मिले
आईजी जोन बृज भूषण के निर्देश पर शुक्रवार को मोबाइल फोरेंसिक वैन करछना पहुंची। फील्ड यूनिट के प्रभारी प्रेम नारायण भारती ने करछना अस्पताल से खून के सैंपल लिए। टीम को मौके से दो और खोखे भी मिले।