ईडी ने दर्जी के घर से ढाई किलों सोना बरामद किया
शहर के कई बिल्डर, डॉक्टर और कारोबारी भी कालाधन सफेद करने की तैयारी में हैं। इसमें सराफ, किराना, सीमेंट, मारबल, लोहा आदि के कई बडे़ कारोबारी भी शामिल हैं। काली कमाई वालों पर आयकर विभाग की बराबर नजर होने के कारण ऐसा होने की उम्मीद जताई जा रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि शहर में 700 से अधिक लोग 50 फीसदी टैक्स अदा कर करने की तैयारी में है। इसके लिए वह अपने सीए, कर सलाहकार, कर अधिवक्ताओं के संपर्क में हैं। सूत्रों की मानें तो कालाधन सफेद करने की योजना के शुरूआती कुछ दिनों में रिस्पांस देखने के बाद विभाग सर्वे-छापेमारी आदि की कार्रवाई करेगा।
सरकार ने कालाधन सफेद करने के लिए योजना 17 दिसंबर से शुरू कर दी। इसके तहत अघोषित सम्पत्ति में से 50 फीसदी टैक्स अदा करने पर शेष रकम एक नंबर की हो जाएगी लेकिन एक नंबर की रकम का 25 फीसदी हिस्सा चार वर्ष बाद मिलेगा। इसके पहले सरकार ने आय घोषणा स्कीम (आईडीएस) शुरू की थी। सूत्रों के मुताबिक सितंबर तक चली इस योजना में शहर के करीब 180 लोगों ने 200 करोड़ रुपये से अधिक की सम्पत्ति घोषित की। इसमें बिल्डर, सराफ समेत कई ट्रेड के कारोबारी, डॉक्टर आदि शामिल हैं लेकिन नोटबंदी के बाद जिस तरह से काली कमाई सामने आई है और लोगों ने बैंक खातों में मोटी रकम जमा की है, उससे आयकर विभाग को 50 फीसदी टैक्स जमा करने वालों की संख्या में इजाफा होने का पूरा भरोसा है।
काली कमाई वाले आईडीएस के मुकाबले इस योजना को सरल मान रहे हैं। कर एवं वित्त सलाहकार डॉ.पवन जायसवाल का कहना है कि आईडीएस में एकमुश्त या तीन किस्तों में टैक्स अदा करने का विकल्प था लेकिन 50 फीसदी टैक्स जमा करने वाली योजना में ऐसा कुछ नहीं है। इसे आईडीएस टू के रूप में देखा जा रहा है। डॉ. जायसवाल स्वीकारते हैं कि शहर के बिल्डर, बड़े व्यापारी, डॉक्टर आदि विशेषज्ञों से रायमशविरा कर रहे हैं, इनमें कई ऐसे हैं जिन्हें यह पता है कि वह बैंक खातों में जमा की गई मोटी रकम का स्रोत नहीं बता सकेंगे, सो 50 फीसदी टैक्स जमा करने को तैयार हैं, जिससे इस योजना के सफल होने की पूरी संभावना है। कर अधिवक्ता डॉ.निधि पी सिंह कहती हैं कि उन्हें भी जानकारी मिली है कि काली कमाई वाले लोग योजना में शामिल होने के लिए विशेषज्ञों के संपर्क में हैं।
सरकार की 50 फीसदी रकम जमा कर काली कमाई सफेद करने की योजना कितनी सफल होगी, यह तो 31 मार्च के बाद ही पता चलेगा। इस बीच योजना के तहत अगर किसी के बैंक खाते में 10 लाख रुपये ऐसे हैं, जिसका स्रोत नहीं बताया जा सकता, ऐसी स्थिति में पांच लाख रुपये टैक्स के रूप में ऑनलाइन जमा करना होगा। फिर इसका चालान मिलेगा, जिसे बैंक में देने पर 25 फीसदी रकम जारी हो जाएगी, जबकि शेष 25 फीसदी रकम गरीब कल्याण योजना में चार वर्ष के लिए जमा हो जाएगी।