फूलपुर संसदीय सीट के उप चुनाव के परिणाम के लिए अतीक फैक्टर को निर्णायक माना जा रहा था। अगर वह बढ़ते तो सपा को नुकसान होता और भाजपा की राह आसान होती लेकिन अतीक का ‘पत्ता’ काम नहीं आया। शहर पश्चिमी को छोड़ दिया जाए तो अन्य विधानसभा क्षेत्रों में अतीक अपने वोट भी हासिल नहीं कर सके।
फूलपूर संसदीय सीट पर मतदान के पहले तक माना जा रहा था कि निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे अतीक अहमद सपा का वोट काटेंगे लेकिन बुधवार को परिणाम आने के बाद सपा-बसपा गठबंधन ने अतीक और भाजपा का गणित फेल कर दिया। शहर पश्चिमी अतीक का गढ़ माना जाता रहा है क्योंकि वे यहां से कई बार विधायक भी रहे हैं। संसदीय सीट के उप चुनाव में इस क्षेत्र के मतदाताओं ने उन्हें निराश भी नहीं किया लेकिन फूलपुर, सोरांव और फाफामऊ जैसे मुस्लिम बहुल इलाकों वाली विधानसभा सीटों पर अतीक फैक्टर ने काम नहीं किया।
शहर उत्तरी विधानसभा क्षेत्र में कई मुस्लिम बहुल इलाके हैं। इसमें बेली गांव, मेंहदौरी, दारागंज, कटरा बख्तियारी प्रमुख हैं लेकिन यहां भी अतीक फैक्टर नहीं चला। बल्कि मतदाताओं ने सपा-बसपा गठबंधन पर ज्यादा भरोसा जताया। हालत यह रही कि शहर पश्चिमी को छोड़कर कर शेष चारों विधानसभा सीटों पर अतीक साढ़े पांच हजार वोटों का आंकड़ा भी नहीं छूट सके।
विधानसभावार अतीक अहमद को मिले वोट
शहर पश्चिमी 28839
शहर उत्तरी 3894
फाफामऊ 4946
सोरांव 4858
फूलपुर 5483