लोकसभा चुनाव में संगम नगरी की दोनों सीट पर भाजपा ने जीत की डुबकी लगाई। प्रदेश सरकार में पर्यटन मंत्री रहीं डॉ.रीता बहुगुणा जोशी ने इलाहाबाद सीट पर अमिताभ बच्चन के बाद अब तक की सबसे बड़ी जीत हासिल की है। उन्होंने सपा के राजेंद्र प्रताप सिंह को 1,84,275 मतों के अंतर से हराया। अमिताभ बच्चन ने 1984 के चुनाव में रीता के ही पिता पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा को 1,87,795 मतों के अंतर से हराया था।
गठबंधन के सहारे दोनों सीट पर सपा उम्मीदवारों की मजबूत दावेदारी मानी जा रही थी लेकिन मोदी लहर में फूलपुर से भी भाजपा की केशरी देवी पटेल ने बड़ी जीत हासिल की है। उन्होंने सपा के पंधारी यादव को 1,71,998 मतों के अंतर से हराया। यह पहला मौका है जब यहां की दोनों सीट पर महिला प्रत्याशी विजयी हुई हैं। वहीं कौशाम्बी में भाजपा के विनोद सोनकर सपा के इंद्रजीत सरोज को हराकर लगातार दूसरी बार सांसद चुने गए। ---वोट पाकर विनोद ने इंद्रजीत को --- मतों के अंतर से हराया। प्रतापगढ़ में भाजपा के संगम लाल गुप्ता ने बसपा के अशोक त्रिपाठी को 1,17,952 मतों के अंतर से हराया। संगम लाल को 4,36,491 वोट मिले। मतगणना के दौरान मंडी परिसर तथा आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के सभी इंतजाम किए गए थे।
मुंडेरा मंडी परिसर में सुबह आठ बजे मतगणना शुरू होनी थी लेकिन स्ट्रांग रूम खोलने में ही देरी हुई। अफसर ही समय से नहीं पहुंच पाए। इसकी वजह से आधा घंटा देर से मतगणना शुरू हो सकी। शुरुआत में मतगणना की रफ्तार भी काफी धीमे रही। इसका नतीजा रहा कि अंतिम परिणाम आने में रात में नौ बज गए। दोनों सीट पर भाजपा उम्मीदवारों ने पहले चरण में ही सपा से बढ़त बना ली थी और हर चरण में फासला बढ़ता गया।
फूलपुर
केशरी देवी पटेल - 5,44,701
पंधारी यादव - 3,72,733
इलाहाबाद
डॉ.रीता बहुगुणा जोशी - 4,94,454
राजेंद्र प्रताप सिंह - 3,10,179
000
प्रतापगढ़
संगम लाल - 4,36,491
अशोक त्रिपाठी - 3,18539
000
कौशाम्बी
विनोद सोनकर -
इंद्रजीत सरोज -
keshari devi
- फोटो : प्रयागराज
इलाहाबाह से भाजपा की रीता ने 4,94,454 वोट हासिल किए। वहीं सपा के राजेंद्र 3,10,179 को वोट मिले। इस चुनाव में भाजपा छोड़कर गए कांग्रेस के योगेश शुक्ला से रीता को भारी नुकसान की बात कही जा रही थी लेकिन उन्हें मात्र 31,953 मतों से ही संतोष करना पड़ा तथा वह जमानत भी नहीं बचा पाए। फूलपुर में भाजपा की केशरी देवी पटेल को 5,44,701 वोट मिले हैं। दूसरे स्थान पर रहे सपा के पंधारी यादव को 3,72,733 मत मिले। गौर करने वाली बात है कि पिछले साल उपचुनाव में बसपा के समर्थन के दम पर सपा के नागेंद्र सिंह पटेल ने जीत हासिल की थी।
फूलपुर तथा गोरखपुर उपचुनाव में जीत के बाद ही सपा और बसपा के गठबंधन की नींव पड़ गई थी लेकिन जातीय समीकरण को साधने की कवायद इस बार नहीं चली। उधर, कांग्रेस उम्मीदवार की इस सीट पर भी जमानत नहीं बची। कांग्रेस के पंकज निरंजन को मात्र 32,761 वोट मिले। प्रशासन ने विजयी जुलूस पर प्रतिबंध लगा रखा था। इसके बावजूद भाजपा कार्यकर्ताआें ने जुलूस निकाला। मुंडेरा से सिविल लाइंस तक कार्यकर्ताआें ने विजयी प्रत्याशियाें का स्वागत किया।