इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के खिलाफ तथा भर्तियों की सीबीआई जांच की मांग को लेकर आंदोलनरत प्रतियोगियों ने एटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी के बहाने भाजपा पर हमला बोला है। प्रतियोगियों का कहना है कि नियुक्ति के मामले में 13 अगस्त को हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई के दौरान आयोग अध्यक्ष के पक्ष में मुकुल रोहतगी के मौजूद रहने की उम्मीद है। इस पर उन्होंने आयोग से न्यायिक खर्च का हिसाब भी मांगा है।
मुकुल रोहतगी आरओ-एआरओ-2013 तथा पीसीएस-2015 प्रारंभिक परीक्षा के पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट में आयोग का पक्ष रख चुके हैं। अब 13 अगस्त को हाईकोर्ट में आयोग अध्यक्ष की तरफ से खड़ा होने की सूचना से प्रतियोगियों में नाराजगी है। प्रतियोगियों का कहना है कि इससे भाजपा और सपा के बीच गठजोड़ होने की आशंका को बल मिलता है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अवनीश पांडेय का कहना है कि मुकुल रोहतगी को वकील करने के लिए आयोग अध्यक्ष के पास पैसा कहां से आता है। जबकि, आयोग का एक पैनल भी है। अयोध्या सिंह का कहना है कि यदि मुकुल रोहतगी डॉ.अनिल यादव के पक्ष में खड़े होते हैं तो प्रतियोगी गांव-गांव जाकर भाजपा-सपा गठजोड़ का पर्दाफाश करेंगे।