भारतीय जनता पार्टी ने इलाहाबाद की विभिन्न विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवारों के नाम का भले ही एलान न किया हो, लेकिन पार्टी में हाल फिलहाल में दूसरे दल से आए नेताओं का विरोध शुरू हो गया है। शुक्रवार को पूर्व मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी और महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी के भाजपा ज्वाइन करने के बाद पार्टी में यह बात फैल गई कि शहर दक्षिण विधानसभा से नंदी को भाजपा से उम्मीदवार बनाया गया है। जंगल में आग की तरह यह खबर फैल गई। थोड़ी ही देर में पार्टी के तमाम नेता एवं कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय पहुंच गए। यहां भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य के खिलाफ नारेबाजी भी हुई।
यहां प्रदर्शन करने वालों ने ‘बाहरी प्रत्याशी स्वीकार नहीं, अपराधी प्रत्याशी बर्दाश्त नहीं’ के नारे भी लगाए। यहां पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने धरना भी दिया। पार्टी नेता पदुम जायसवाल, विजय मिश्रा ने आरोप लगाया कि नंद गोपाल गुप्ता नंदी के खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे हैं। उनकी पत्नी अभिलाषा गुप्ता भी हमेशा भाजपा के खिलाफ ही रही हैं। कहा गया कि अगर ऐसे लोगों को दक्षिण विधानसभा से टिकट दिया गया तो हजारों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ता भाजपा से त्याग पत्र दे देंगे। भाजपा की पूर्व नगर अध्यक्ष शशि वार्ष्णेय ने भी बाहरी दलों से भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं को टिकट न दिए जाने की मांग की।
इस दौरान भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने अमित शाह और केशव मौर्य के खिलाफ भी तमाम आरोप लगाए। कहा गया कि इलाहाबाद उत्तरी, पश्चिमी और दक्षिणी विधानसभा में बाहरी लोगों को पार्टी में शामिल कराके टिकट दिया जा रहा है, जो गलत है। इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। यहां धरने पर रामानंद शुक्ला सागर, उदय प्रताप सिंह, अमर वैश्य मुन्ना भइया, प्रमोद जायसवाल मोदी, शिवेंद्र मिश्रा, राजेश केसरवानी, विष्णुवर्मा, मनोज मिश्रा, आनंद अग्रवाल, अजय शर्मा, देवेंद्र मिश्र, नर सिंह, संजय कुशवाहा, प्रवीण मालवीय आदि मौजूद रहे।
भाजपा द्वारा इलाहाबाद की विभिन्न विधानसभा सीटों में दूसरा दल छोड़कर आए नेताओं को लेकर सोशल मीडिया में भी पार्टी नेताओं ने अमित शाह और केशव प्रसाद मौर्य पर खूब तंज कसे। पार्टी नेता विजय मिश्र ने सीधे अमित शाह और केशव को संबोधित करते हुए पोस्ट किया कि ‘हाथ ठंड में और दिमाग घमंड में काम नहीं करते।’ उन्होंने यह भी पोस्ट किया कि बाहर से आए दल-बदलुओं, मौका परस्तों की कीमत पर कार्यकर्ताओं की भेंट न चढ़ाई जाए।
विजय ने कहा कि अगर भाजपा उन्हें टिकट नहीं देती है तो वे निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। उधर, भाजपा नेता शशांक त्रिपाठी ने भी दलबदलू नेताओं को टिकट दिए जाने की खबर का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा जैसी अनुशासित पार्टी भी अब अन्य पार्टियों जैसी ही हो गई है। इससे बेहतर को सपा ही थी। उधर भाजपा नेता मुरारी लाल अग्रवाल ने भी नंदी को पार्टी में शामिल किए जाने पर नाराजगी जताई है।
‘भाजपा अनुशासित पार्टी है। इस तरह का विरोध ठीक नहीं है। पार्टी की ओर से अभी इलाहाबाद में प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की गई है। पार्टी पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि टिकट जीतने वालों को ही दिया जाएगा।’
- अवधेश गुप्ता, नगर अध्यक्ष भाजपा।