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प्रयागराज : महानिर्वाणी अखाड़े में धूमधाम से मनी भगवान कपिल महामुनि की जयंती, गूंजे जयकारे

Fri, 02 Oct 2026 03:06 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

प्रयागराज के दारागंज स्थित श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी में शुक्रवार को भगवान कपिल महामुनि की जयंती षष्ठी महोत्सव के रूप में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। विभिन्न अखाड़ों से पहुंचे संत-महंतों ने भगवान कपिल मुनि का अभिषेक, पूजन और पुष्पांजलि कर आशीर्वाद लिया।
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महानिर्वाणी अखाड़े में भगवान कपिलमुनि की जयंती मनाते साधु संत। - फोटो : अमर उजाला।
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दारागंज स्थित श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के प्रधान कार्यालय में शुक्रवार को भगवान कपिल महामुनि की जयंती षष्ठी महोत्सव के रूप में धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर विभिन्न अखाड़ों से पहुंचे संत-महंतों ने भगवान कपिल मुनि का पूजन-अर्चन कर पुष्पांजलि अर्पित की।

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महोत्सव की शुरुआत अखाड़े के आराध्य भगवान कपिल मुनि के विग्रह के अभिषेक से हुई। इसके बाद माला और पुष्प अर्पित कर विधिवत पूजा-अर्चना की गई। हवन के बाद मंदिर के समक्ष संत-महंतों ने भगवान कपिल मुनि को पुष्पांजलि अर्पित की।

अखाड़े के महंत एवं सचिव यमुना पुरी जी ने विभिन्न अखाड़ों से आए संत-महंतों का स्वागत किया। उन्होंने संतों को तिलक लगाकर माला पहनाई और सम्मानित किया। इसके बाद आयोजित भंडारे में संत-महंतों ने प्रसाद ग्रहण किया।
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महंत यमुना पुरी जी ने बताया कि श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी में परंपरा के अनुसार हर वर्ष भगवान कपिल महामुनि की षष्ठी का आयोजन किया जाता है। देशभर में स्थित अखाड़े की शाखाओं में भी यह पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि भगवान कपिल महामुनि महानिर्वाणी अखाड़े के इष्टदेव हैं।

उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान कपिल विष्णु के पांचवें अवतार माने जाते हैं। सगर के 60 हजार पुत्रों के भस्म होने और उनके उद्धार से जुड़ी कपिल मुनि की कथा भारतीय धार्मिक परंपरा में विशेष महत्व रखती है। मान्यता है कि पितृ पक्ष में भगवान कपिल मुनि की षष्ठी के अवसर पर प्रसाद ग्रहण करने से पितरों को परम गति प्राप्त होती है।

महोत्सव में बाघंबरी मठ के श्री महंत बलवीर गिरि जी, उदासीन नया अखाड़ा के सचिव महंत जगतार मुनि जी महाराज, निर्वाणी अणि अखाड़े के महंत गोपाल दास जी, अटल अखाड़े सहित विभिन्न अखाड़ों के संत-महंत मौजूद रहे।

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