स्वास्थ्य के क्षेत्र में डायबिटीज व कैंसर की दवाओं के लिए बायोफार्मा शक्ति पहल लोगों के लिए बेहद कारगर साबित हो सकती है। इससे इन रोगों की दवाओं की कीमत में कमी आएगी और लोगों को बेहतर उपचार मिल सकेगा। रविवार को पेश हुए आम बजट में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सरकार की योजनाओं का चिकित्सक समाज ने स्वागत किया है।
आम बजट 2026–27 स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए दूरदर्शी है। पीएमएसएसवाई के तहत 11,307 करोड़ रुपये और नए एम्स के लिए बढ़ा आवंटन तृतीयक चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करेगा। कैंसर व डायबिटीज की दवाओं के लिए 10,000 करोड़ की बायोफार्मा शक्ति पहल से आयात निर्भरता घटेगी। - डॉ. संतोष सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर, मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज
बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर उन्नयन और ट्रॉमा केयर विस्तार से डॉक्टरों की कमी जैसी समस्या के समाधान की दिशा स्पष्ट होगी। कैंसर की 17 दवाओं के सीमा शुल्क में छूट और जिला कैंसर केंद्रों के विस्तार से मरीजों को सीधी राहत मिलेगी जो उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के लिए अहम है। - डॉ. सुशील सिन्हा, अध्यक्ष, नर्सिंग होम एसोसिएशन
निमहांस 2.0 और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बढ़ा आवंटन महामारी के बाद बढ़ी मानसिक व जीवनशैली संबंधी बीमारियों को देखते हुए समयोचित है। एम्स दिल्ली और पीजीआईएमईआर को मजबूती मिलने से उन्नत अनुसंधान और तृतीयक देखभाल को नया आयाम मिलेगा। - डॉ. आशुतोष गुप्ता, श्वास एवं दमा रोग विशेषज्ञ
राष्ट्रीय स्तर पर मेडिकल सीटों के विस्तार और ग्रामीण कैंसर डे-केयर सेवाओं से उत्तर प्रदेश में डॉक्टरों की रिक्तियों की समस्या कम होगी। एसआरएन जैसे संस्थान बजट की प्राथमिकताओं से सीधे जुड़ते हैं। आयुष व लैब सेवाओं के एकीकरण से क्षेत्रीय स्वास्थ्य असमानता घटेगी। - डॉ. वीके पांडेय, प्राचार्य, एमएलएन मेडिकल कॉलेज
डॉ सुशील सिन्हा
डॉ सुशील सिन्हा
डॉ सुशील सिन्हा