इलाहाबाद (ब्यूरो)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर तथा हॉस्टलों में अब भी होर्डिंग, बैनर प्रशासन को आइना दिखा रहे हैं। इतना ही नहीं हॉस्टलों में पांडाल लगाकर चुनाव कार्यालय भी संचालित हो रहे हैं। इस मामले में मंडलायुक्त का आदेश भी बेमानी साबित हो रहा है।
नामांकन के दिन मंडलायुक्त, आईजी ने कुलपति के साथ परिसर का भ्रमण किया था। उन्होंने प्रिंटेड प्रचार सामग्री हटाने के साथ हॉस्टलों से पांडाल, होर्डिंग, बैनर हटाने का निर्देश दिया था। निरीक्षण के दौरान मौजूद अफसरों को उन्होंने नगर निगम की मदद से शहर के अन्य हिस्सों से भी होर्डिंग आदि हटवाने के लिए कहा था। इसके लिए विश्वविद्यालय और जिला तथा पुलिस प्रशासन की रोजाना बैठक होती है।
इसमें लिंगदोह समिति की संस्तुतियों की सख्ती से पालन की हिदायत दी जाती है। इसके विपरीत शहर के प्रमुख चौराहों, मार्ग से दूर विश्वविद्यालय परिसर तथा हॉस्टलों से ही होर्डिंग नहीं हटे हैं। हालैंड हाल, डायमंड जुबली, जीएन झा समेत ज्यादातर हॉस्टलों में छात्र नेताओं के होर्डिंग्स लगे हैं। छात्रसंघ भवन के सामने पार्क में भी नेताओं के होर्र्डिंग्स, पोस्टर, बैनर लगे हैं। विश्वविद्यालय की बाउंड्री तो पंफलेट से ढक गई है, लेकिन बार-बार चेतावनी ही दी जाती रही। छात्र नेताओं को कोई नोटिस नहीं भेजा गया है।