पावर कारपोरेशन की ओर से इन दिनों बिजली चोरी रोकने और बकायेदारों के खिलाफ अभियान चल रहा है। अभियान के दौरान पावर कारपोरेशन के अधिकारियों ने उपभोक्ताओं के घरों के अंदर लगे मीटर की जांच में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पकड़ी। कुछ घरों में जहां मीटर रीडिंग स्टोर मिली तो कई घरों में मीटर से बाईपास करके बिजली चोरी पकड़ी गई।
उपभोक्ताओं की ओर से मीटर से बाईपास करके चोरी को रोकने के लिए बिजली विभाग की ओर घरों से मीटर बाहर करने का अभियान चला। अभियान के बाद पता चला कि घरों से मीटर बाहर होने के बाद अचानक खर्च बढ़ गया, घरों में 500 यूनिट की जगह 1200 से 1300 यूनिट का बिल आने लगा।
एसडीओ टैगोर टाउन विजय तिवारी ने बताया कि घरों से मीटर बाहर करने केलिए पहले चरण में कुछ चिह्नित क्षेत्रों जहां के ट्रांसफार्मर पर अधिक लोड था वहां अभियान चलाया गया। बघाड़ा क्षेत्र में अभियान के दौरान जिन घरों में दिनभर में मात्र 15 से 20 यूनिट का बिल आता था, वहां दिनभर का बिल 40 से 50 यूनिट पहुंच गया।
उन्होंने बताया कि बिजली के बिल में दोगुने से अधिक की वृद्घि हुई। मेयोहाल विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता ओपी मिश्र ने बताया कि मछली बाजार क्षेत्र में चले अभियान में घर-घर मीटर की जांच की गई। जांच के दौरान बड़ी संख्या में घरों में मीटर बाईपास करके बिजली चोरी की जा रही थी, इन घरों में मीटर बाहर किए जाने के बाद अचानक घरों में बिजली का खर्च बढ़ गया। उन्होंने बताया कि अब अभियान चलाकर घरों से मीटर बाहर किए जाएंगे। जिन इलाकों में विरोध होगा, वहां पुलिस के सहयोग से इस काम को पूरा किया जाएगा।