कानपुर के चर्चित बिकरू कांड में मारे गए अभियुक्त विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे ने अपने खिलाफ धोखाधड़ी व कूटरचना करने के मामले में दर्ज प्राथमिकी को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याचिका दाखिल कर प्राथमिकी रद्द करने की मांग की गई है। याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर और न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की पीठ ने इस मामले में प्रदेश सरकार से चार सप्ताह में जवाब तलब किया है।
याची के अधिवक्ता प्रभाशंकर मिश्र का कहना था कि याची के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी और कूच रचना करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। उस पर दूसरे का मोबाइल फोन आपराधिक कार्य के लिए इस्तेमाल करने का आरोप है। अधिवक्ता का कहना था कि यदि ऐसा हुआ है तो मुकदमा जिस व्यक्ति का मोबाइल इस्तेमाल हुआ है, उसे दर्ज कराने का अधिकार है।
इसमें धोखाधड़ी का कोई मामला नहीं बनता है और न ही पुलिस को प्राथमिकी दर्ज कराने का अधिकार है। कोर्ट ने इस मामले में अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। प्रभाशंकर मिश्र ने बताया कि इस मामले में ऋचा दुबे की अग्रिम जमानत मंजूर हाईकोर्ट से मंजूर हो चुकी है।