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संभालकर रखें, जिले में रोज चोरी हो रही चार गाड़ियां

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इस साल अब तक सामने आए 1500 से ज्यादा मामले
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छह फीसदी मामलों में ही पुलिस कर पाई बरामदगी
प्रयागराज। आप भी अपना वाहन जहां-तहां खड़ा करते हैं तो जरा सावधान रहिए। इसलिए कि कहीं ऐसा न हो कि आपकी गाढ़ी कमाई से खरीदी गई गाड़ी चोर ले उड़ें। इसलिए क्योंकि जिले मेें रोजाना चार गाड़ियां चोरी हो रही हैं। यह हम नहीं बल्कि जिले में वाहन चोरी के दर्ज होने वाले मामलों की संख्या से पता चला है।
वाहन चोरी की घटनाएं आए दिन सुनाई देती हैं। दोपहिया ही नहीं अब तो चारपहिया वाहनों की चोरी की भी वारदातें लगातार हो रही हैं। चोर गिरोह पलक झपकते ही वाहनों को लेकर चलता बनता है। पुलिस विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जिले में हर साल हजारों गाड़ियां चोरी होती हैं। इस साल 15 नवंबर तक की ही बात करें तो गाड़ी चोरी होने के कुल 1390 मामले सामने आए। उपरोक्त अवधि के कुल दिनों के हिसाब से बात करें तो जिले में औसतन रोज चार गाड़ियां चोरी हुईं। चूंकि यह आंकड़ा 15 नवंबर तक का है ऐसे में माना जा सकता है कि साल बीतते-बीतते ऐसी घटनाओं की संख्या 1500 से भी ज्यादा होगी। यानी साल बीतने पर रोज चोरी होने वाली गाड़ियों की संख्या औसतन पांच होगी।
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80 मामलों मेें ही लग पाई चार्जशीट
लूट, छिनैती व हत्या जैसी सनसनीखेज आपराधिक वारदातों के खुलासे में जुटी पुलिस के लिए वाहन चोरी के मामले में प्राथमिकता पर नहीं होते और यह इन मामलों के निस्तारण की गति को देखने से साफ पता चलता है। इस साल 15 नवंबर तक दर्ज कुल वाहन चोरी के मामलों में महज 80 में ही पुलिस चार्जशीट दाखिल कर सकी है। यानी इतने ही मामलों में चोरी गए वाहनों की बरामदगी हो सकी। इसके अलावा 704 मामले ऐसे रहे जिनमें वाहन बरामद नहीं किए जा सके और विवेचक ने मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट लगा दी। पांच मामले झूठे भी पाए गए। शेष बचे 601 घटनाएं ऐसी हैं जिनमें विवेचना जारी है।
एक दिन में सामने आईं सात वारदातें
हालात यह है कि शायद ही कोई ऐसा दिन हो जब वाहन चोरी की घटना सामने न आए। एक दिन पहले यानी 24 दिसंबर को ही कुल सात गाड़ियां चोरी हुईं। इनमें कर्नलगंज में तीन, कोतवाली में एक, जार्जटाउन में दो और झूंसी में एक वाहन चोरी की वारदात शामिल है। जिसमें एक चारपहिया शामिल है। 23 दिसंबर को भी दो गाड़ियां कोतवाली क्षेत्र में चोरी हुईं। इससे पहले 22 दिसंबर को सामने आए चार मामलों में दो कोतवाली, एक सिविल लाइंस व एक दारागंज के रहे। एक खास बात यह भी है कि पिछले तीन दिनों में कोतवाली क्षेत्र स्थित एसआरएन अस्पताल परिसर से ही पांच गाड़ियां चोरी हो चुकी हैं।
शहरियों को हर साल लग रही 90 करोड़ की चपत
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक वाहन चोरी की घटनाओं का हिसाब लगाएं तो चोर हर साल शहरियोें को 90 करोड़ से ज्यादा की चपत लगा रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक, मान लिया जाए कि रोज चोरी हो रही चार गाड़ियों में से तीन मोटरसाइकिल व एक चारपहिया है। मोटरसाइकिल की 50 हजार व चारपहिया की औसत कीमत पांच लाख रख लें तो प्रतिदिन के हिसाब से यह आंकड़ा 6.5 लाख होता है। अब 15 नवंबर तक की अवधि में चोरी हुए वाहनों का हिसाब लगाएं तो यह कीमत 90.35 करोड़ के आसपास बैठती है।
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क्या कहते हैं एसएसपी
एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज का कहना है कि वाहन चोरी की वारदातों को रोकना निश्चित ही बड़ी चुनौती है। हालांकि पुलिस की ओर से लगातार ऐसे गिरोहों पर नजर रखी जाती है। हाल ही में ऐसे कुछ बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ जिसमें बड़ी संख्या में वाहन बरामद भी किए गए। चूंकि चोरी किए गए वाहन ज्यादातर बार कटवा दिए जाते हैं, ऐसे में उनकी बरामदगी कठिन हो जाती है। रही बात, वाहन चोरी के मामलों के निस्तारण की तो पुलिसकर्मियों को समय-समय पर इसके लिए निर्देशित किया जाता है।
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