इलाहाबाद ब्यूरो। बिहार पूर्वी यूपी में तबाही मचाने के बाद अब तेज आंधी गंगा के मैदानी इलाकों में तबाही मचाने का तैयार है। मौसम के बदले मिजाज ने इसका संकेत भी दे दिया है। मौसम के बदले मिजाज को देखकर सावधान रहने की भी जरूरत हैं। मौसम विभाग के मुताबिक पिछले कई दिनों से तापमान 40 डिग्री से लेकर 43 डिग्री के आसपास रहता है। वायुमंडल में आर्र्दता भी तेजी से घटी है जो इस बात का संकेत दे रही है कि मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है।
मौसम विभाग के मुताबिक बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 41.4 व न्यूनतम तापमान 22.9 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि एक दिन पूर्व अधिकतम तापमान 40.9 डिग्री और न्यूनतम 24.3 डिग्री था। मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार को अधिकतम आर्र्दता 72 फीसदी व न्यूनतम 12 फीसदी दर्ज की गई।मौसम विज्ञानियों ने संभावना जतायी है कि मौसम का जो मिजाज देखने को मिल रहा है उससे शुक्रवार को जहां आसमान में बादल छाए रहने की संभावना हैं वही शाम तेज आंधी की पूरी संभावना है।
मौसम के बदले मिजाज को देखकर किसानों को थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है। कही ऐसा न हो कि ओलावृष्टि, बारिश से तबाही के बाद बची हुई फसल भी चौपट हो जाय। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किसानों को चाहिए कि वे खलिहानों व खेतों में रखी फसलों की मड़ाई तेजी से करें, ताकि उन्हें बर्बाद होने से बचाया जा सके। यदि खलिहानों में फसल रखी है तो उसे ढककर रखें। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों यमुनापार इलाके में आयी आंधी के चलते फसलों को भारी नुकसान हुआ था। कटाई के बाद खेत में पड़े गेहूं की फसल उड़कर दूसरे खेतों में चली गई थी जबकि गंगापार इलाके में बारिश के बाद फसल खेत में जलमग्न हो गई थी।