इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी के लंका थाने से लापता काशी हिंदू विश्वविद्यालय के छात्र शिव कुमार त्रिवेदी के मामले में पुलिस के रवैये पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए फटकार लगाई है और एसएसपी वाराणसी को तीन सितंबर को व्यक्तिगत हलफनामे के साथ हाजिर होने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने एसएसपी से पूछा है कि 12 फरवरी को थाने में बुलाए गए छात्र के दूसरे दिन भाग जाने पर पुलिस ने क्या कार्रवाई की। पुलिस द्वारा उठाए गए कदमों का पूरा ब्योरा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
यह आदेश मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति एसडी सिंह की खंडपीठ ने अधिवक्ता सौरभ तिवारी के पत्र पर योजित जनहित याचिका पर दिया है। कोर्ट ने 19 अगस्त को डीएम, एसएसपी वाराणसी व लंका थाना इंचार्ज को नोटिस जारी कर थाने से लापता छात्र की पूरी जानकारी मांगी थी।
क्षेत्राधिकारी भेलूपुर ने हलफनामा दाखिल किया और बताया कि पुलिस ने आवश्यक कदम उठाए हैं। 12 फरवरी को लंका थाने में बुलाने के बाद क्या हुआ इस बारे में उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी।
अपर महाधिवक्ता ने कहा कि छात्र दूसरे दिन थाने से भाग गया था। एक विक्षिप्त व्यक्ति मिला है जिसके बारे में बताया जा रहा है कि यह वही लापता छात्र है, जिसकी पहचान के लिए डीएनए और बायोमैट्रिक टेस्ट कराया जा रहा है।
कोर्ट ने कहा कि यह समझ से परे है कि एक छात्र थाने में बुलाया गया और दूसरे दिन भाग गया। जिसका जीडी में कोई जिक्र नहीं है। तथ्यहीन हलफनामा दाखिल किया गया है। इसपर कोर्ट ने एसएसपी को लापता छात्र के बारे में पुलिस कार्रवाई की पूरी जानकारी के साथ तीन सितंबर को तलब किया है।