सूचना पर सिविल लाइंस पुलिस और प्रशासन के अफसर पहुंचे। पुलिस-प्रशासन की कॉलेज प्रबंधन से बातचीत के बाद राजेंद्र ने लिखकर दिया वह मार्च में वार्षिक परीक्षा से पहले पूरी फीस जमा कर देंगे। तब तक उनके बच्चों को परीक्षा में शामिल होने से नहीं रोका जाएगा। इस पर आमरण अनशन खत्म हुआ। वहीं स्कूल की प्रशासक सीबी ल्यूक का कहना है कि दोनों बच्चों की लगभग 2.30 लाख रुपये फीस बकाया है। इस पर नोटिस दिया गया है। किसी बच्चों को परीक्षा में शामिल होने से नहीं रोका गया। परीक्षा छह दिसंबर से शुरू हो रही है।