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भरद्वाज आश्रम : वेद-पुराण से लेकर विमानन अनुसंधान तक से परिचित होगी दुनिया, मिलेंगी सभी तरह की सुविधाएं

Fri, 08 Nov 2024 06:33 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

पौराणिक आख्यानों और ग्रंथों के अनुसार वन गमन के दौरान प्रभु श्रीराम के भी चरण इस आश्रम में पड़े थे। तब यह वेद-वेदांग के गुरुकुल के रूप में ऋषि-मुनियों की ज्ञानस्थली हुआ करता था। उसकी पुरातन महिमा को ध्यान में रखकर योगी आदित्यनाथ सरकार भरद्वाज आश्रम कॉरिडोर को विश्व समुदाय के समक्ष प्रस्तुत करने जा रही है।
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भरद्वाज आश्रम। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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ज्ञान-विज्ञान-अनुसंधान से लेकर वेद-पुराण तक के केंद्र के रूप में जगविख्यात भरद्वाज मुनि का आश्रम इस बार महाकुंभ में दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। पौराणिक आख्यानों और ग्रंथों के अनुसार वन गमन के दौरान प्रभु श्रीराम के भी चरण इस आश्रम में पड़े थे। तब यह वेद-वेदांग के गुरुकुल के रूप में ऋषि-मुनियों की ज्ञानस्थली हुआ करता था। उसकी पुरातन महिमा को ध्यान में रखकर योगी आदित्यनाथ सरकार भरद्वाज आश्रम कॉरिडोर को विश्व समुदाय के समक्ष प्रस्तुत करने जा रही है।

राम चरित मानस में संत तुलसी लिखते हैं कि- भरद्वाज मुनि बसहिं प्रयागा/तिनहिं रामपद अति अनुरागा...। यानी भरद्वाज मुनि प्रभु श्रीराम के उपासक भी थे। यही वजह है कि वन जाते समय भारद्वाज आश्रम में प्रथम पड़ाव पर आए राम का भारद्वाज मुनि ने स्वागत किया था। भरद्वाज मुनि ने ही उन्हें चित्रकूट जाने का रास्ता भी बताया था। मान्यता है कि लंका विजय करके अयोध्या वापस लौटते समय राम ने भारद्वाज ऋषि के दर्शन किए।

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अब भरद्वाज आश्रम की दिव्यता -भव्यता महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिएआकर्षण का केंद्र होगी। आश्रम के जीर्णोद्धार और कॉरिडोर निर्माण का काम 80 फीसदी पूरा हो चुका है।लाल पत्थरों से बनने वाले कॉरिडोर की दीवारें और उन पर उकेरे जाने वाले चित्र पौराणिक काल में इस गुरुकुल रूपी आश्रम के कुलपति रहे भरद्वाज मुनि के बारे में पूरी जानकारी देंगे। इसी से लगे भरद्वाज पार्क के सौंदर्यीकरण का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। यहां नक्षत्र वाटिका के साथ नवग्रह भी लोगों को लुभाएंगे।

भरद्वाज आश्रम में ही पुष्पक विमान का हुआ था निर्माण

पौराणिक आख्यानों के मुताबिक भरद्वाज मुनि आयुर्वेद से लेकर धनुर्वेद तक के ज्ञाता थे। त्रेता युग में यह गुरुकुल ज्ञान और शिक्षा का प्रमुख केंद्र था। यह आश्रम विमान अनुसंधान और निर्माण का भी केंद्र रहा है। माना जाता है कि कुबेर का पास जो पुष्पक विमान था उसका निर्माण इसी आश्रम में हुआ था, जिसे बाद में रावण ने ले लिया। अब यहां योगी सरकार ने विमानन केंद्र बनाने की योजना तैयार की है। मुख्य पुजारी कलानिधि गोस्वामी के अनुसार इसी स्थान पर ऋषि याज्ञवल्क्य ने तीन दिन तक भरद्वाज मुनि को राम कथा सुनाई थी।

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कॉरिडोर की खास बातें

  • 13.35 करोड़ में तैयार होगा कॉरिडोर
  • लाल पत्थर की दीवारें एवं उन पर उकेरी गए चित्र होंगे आकर्षण
  • उकेरी जाएगी ऋषि भरद्वाज की पूरी कथा
  • कुटिया के भी होंगे दर्शन जहां श्रीराम ने रात्रि में किया था विश्राम
  • भव्य कुंड में एक साथ दर्जनों लोग कर सकेंगे यज्ञ
 
पार्क की खास बातें

 

  • 4.69 करोड़ की लागत से तैयार होगी नक्षत्र वाटिका
  • 83 फीट लंबाई वाले वर्गाकार भूखंड पर वाटिका होगा निर्माण
  • सभी 27 नक्षत्रों के साथ 09 ग्रहों के भी होंगे दर्शन
  • नक्षत्रों-ग्रहों के मानव पर पड़ने वाले प्रभाव की होगी जानकारी
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